BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर, प्यार में पागल 19 वर्षीय युवक ने कानून और परिवार दोनों को गुमराह कर दिया। वह अपनी प्रेमिका से कोर्ट मैरिज करना चाहता था, लेकिन उम्र की सीमा के कारण इसे संभव नहीं कर पा रहा था। इसके लिए उसने जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड में अपनी उम्र दो साल बढ़ाकर 21 वर्ष करवा ली।
फर्जीवाड़े की योजना
बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के शील नगर का रहने वाला रितेश धाकड़ (19) अक्सर अपने मामा के घर सागरताल जाता था। इसी दौरान उसे अपनी मौसी खुशबू राजपूत (25) से प्यार हो गया। परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, इसलिए रितेश और खुशबू ने घर छोड़कर भागने का फैसला किया।
कोर्ट में आवेदन और फर्जी दस्तावेज़
खुशबू के गायब होने के बाद उसके भाई आकाश सिंह राजपूत ने 24 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आकाश ने RTI के माध्यम से जानकारी प्राप्त की और पाया कि रितेश ने कोर्ट में शादी के लिए आवेदन दिया था और खुद की उम्र 21 साल बताई थी।
जब रितेश की असली 10वीं की मार्कशीट सामने आई, जिसमें जन्म वर्ष 2005 दर्ज था, तब पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
कैसे किया फर्जीवाड़ा
रितेश ने जन्मतिथि बदलने के लिए फर्जी पंचनामा बनवाया और 25 अक्टूबर 2005 की जन्मतिथि को 25 अक्टूबर 2003 करवा दिया। इसके बाद उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड अपडेट करवाए। बैंक पासबुक और जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर 30 अप्रैल को उसने पासपोर्ट भी बनवाया, जिसमें खुद को अनपढ़ बताया।
कोर्ट ने दी लड़के की याचिका पर आदेश
17 जून को रितेश ने फर्जी दस्तावेज़ के साथ हाईकोर्ट ग्वालियर में याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि लड़की व्यस्क है और अपनी मर्जी से जहां रहना चाहे रह सकती है।





