संवाददाता- सुजीत मण्डल):
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के लगभग तीन महीने बाद भी पखांजूर क्षेत्र के चितरंजन नगर (पी. व्ही. 91) के स्कूल का जर्जर भवन सुधरे बिना बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के बीच चिंता का माहौल है। कई बार प्रशासन और शासन से इस भवन के लिए नई इमारत की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
चितरंजन नगर स्कूल का भवन इतनी खराब हालत में है कि बारिश के समय छत से पानी टपकता है, कक्षाओं में पानी भर जाता है और छत से मलबा गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इन कारणों से बच्चों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है। छात्रों के अनुसार, बरसात के मौसम में वे स्कूल की बजाय गाँव के मंदिर में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होते हैं, क्योंकि स्कूल में बैठना असुरक्षित हो गया है।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रशासन से कई बार नए भवन की मांग की, लेकिन उनकी सुनवाई अब तक नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि जल्द ही नया स्कूल भवन नहीं बनाया गया, तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए शासन को तुरंत इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए और जर्जर भवन को बदलकर नए भवन का निर्माण किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और अच्छे माहौल में शिक्षा मिल सके।





