संवाददाता: अविनाश चंद्र
आठ दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कार्यकर्ताओं की हड़ताल लगातार तेज होती जा रही है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी पिछले 8 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। इसी कड़ी में एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कार्यरत एनएचएम कर्मियों ने एक अनोखा कदम उठाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम खून से पत्र लिखा है।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर आक्रोश
एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति और सेवा सुरक्षा शामिल हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
खून से लिखा पत्र: सरकार पर दबाव
मनेंद्रगढ़ में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने खून से पत्र लिखकर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अब और प्रतीक्षा करने की स्थिति में नहीं हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
लगातार जारी इस हड़ताल का असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। कई अस्पतालों में मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
कर्मचारियों का चेतावनी भरा संदेश
एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वे मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं। यदि सरकार अब भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो उन्हें भविष्य में बड़ा और उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।





