दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में अब कोच बढ़ाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है और जल्द ही यात्रियों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- वंदे भारत एक्सप्रेस की सीटें लगभग रोज फुल रहती हैं।
- ट्रेन की ऑक्यूपेंसी क्षमता 94% से लेकर 112% तक दर्ज की गई है।
- यात्रियों की बढ़ती संख्या और टिकटों की कमी की रिपोर्ट रेलवे मंडलों ने बोर्ड को भेजी थी।
अब मिलेगी ज्यादा सीटें
वर्तमान में यह ट्रेन 16 कोच की है, जिसमें:
- 14 एसी चेयर कार
- 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच
कुल सीटें: 1128
प्रस्तावित बदलाव के बाद:
- ट्रेन 20 कोच की होगी।
- 16 चेयर कार और 4 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच होंगे।
- कुल सीटें: 1560 (432 अतिरिक्त सीटें)।
इससे रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी।
ट्रेन की मौजूदा ऑक्यूपेंसी
- ट्रेन संख्या 20171 (रानी कमलापति-निजामुद्दीन): 94%
- ट्रेन संख्या 20172 (निजामुद्दीन-रानी कमलापति): 112%
यानी ट्रेन हमेशा लगभग हाउसफुल चल रही है।
मध्य प्रदेश की पहली वंदे भारत ट्रेन
रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के लिए शुरू हुई यह ट्रेन मध्य प्रदेश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस है। प्रधानमंत्री ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार,
“वंदे भारत एक्सप्रेस भोपाल से चलने वाली सबसे लोकप्रिय ट्रेन है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब यह 20 कोच की हो जाएगी।”
नई वंदे भारत ट्रेनों की तैयारी
भोपाल मंडल से दो और वंदे भारत ट्रेनें शुरू होने की संभावना है।
1. भोपाल-लखनऊ वंदे भारत
- प्रस्तावित आठ कोच की ट्रेन।
- चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास दोनों का विकल्प।
- पूरी तरह से डे-रन सेवा पर आधारित।
2. भोपाल-पटना वंदे भारत
- भारत की शुरुआती स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों में से एक होगी।
- इसमें फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी और थर्ड एसी की बर्थ उपलब्ध होंगी।
- इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को खास सुविधा मिलेगी।
भोपाल-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ना यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अधिक सीटें उपलब्ध होने से टिकट की किल्लत कम होगी। वहीं लखनऊ और पटना के लिए प्रस्तावित वंदे भारत ट्रेनें मध्य प्रदेश से यात्रा करने वालों के लिए और सुविधाएं लेकर आएंगी।





