महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर कहा कि देश का बंटवारा स्वाभाविक था। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन भारत अखंड होगा और सभी लोग एक साथ होंगे।
नागपुर में राष्ट्र निर्माण समिति के आयोजन में लगभग 10,000 स्कूली बच्चे और नागरिक सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाकर इस दिन को मनाया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों का भी सत्कार किया गया।
बंटवारा स्वाभाविक था, लेकिन भविष्य उज्ज्वल है
गडकरी ने अपने भाषण में कहा:
- 1947 में भारत और पाकिस्तान का निर्माण हुआ।
- यह बंटवारा स्वाभाविक और अनैसर्गिक दोनों तरह का था, लेकिन इसे एक मिशन के रूप में स्वीकार किया गया।
- उनका मानना है कि एक दिन भारत अखंड होगा और हम सब एक होंगे।
- उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरु बन सकता है और यह दिन दूर नहीं है जब हमारा देश पूरी दुनिया के कल्याण में योगदान देगा।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर चिंता
केंद्रीय मंत्री ने सड़क हादसों पर भी चिंता जताई:
- हर साल भारत में लगभग 5 लाख सड़क हादसे होते हैं।
- इनमें 1,80,000 लोगों की मौत होती है, जिनमें 18–34 वर्ष की आयु के युवा सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
- गडकरी ने कहा कि 66% मौतें इसी आयु वर्ग के युवाओं की होती हैं, और इसे रोकना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र करते हुए बताया कि युद्ध के तरीके अब बदल चुके हैं। पहले जहां टैंक चलते थे, अब ड्रोन और मिसाइल प्रमुख हथियार बन चुके हैं।
अखंड भारत संकल्प दिवस का महत्व
- हर साल 14 अगस्त को भारत में अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है।
- यह दिन 1947 से पहले के भारत की याद दिलाता है।
- इस दिन पर बच्चों और नागरिकों द्वारा वंदे मातरम गाया जाता है और देश की एकता को बढ़ावा दिया जाता है।
गडकरी के भाषण ने एकता, अखंडता और सड़क सुरक्षा पर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रकार का आयोजन युवाओं और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करता है।





