इटली के लैम्पेदुसा द्वीप के पास एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ है, जिसने पूरे विश्व को झकझोर दिया। लगभग 100 प्रवासियों को ले जा रही नाव बुधवार को पलट गई, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लापता हैं।
तटरक्षक बल और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। यह समुद्री मार्ग पहले भी कई दर्दनाक हादसों का गवाह बन चुका है।
बचाव अभियान जारी
- संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग के प्रवक्ता फिलिपो उंगारो के मुताबिक, 60 लोगों को सुरक्षित बचाकर लैम्पेदुसा के एक केंद्र में पहुंचाया गया है।
- बचे हुए लोगों के अनुसार, नाव में शुरुआत में 92 से 97 प्रवासी सवार थे।
- तटरक्षक बल अभी भी बाकी लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
हादसे की वजह क्या थी?
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के प्रवक्ता फ्लेवियो डि गियाकोमो ने बताया कि:
- प्रवासी लीबिया से दो नावों में रवाना हुए थे।
- एक नाव में पानी भरने लगा, तो सभी यात्रियों को दूसरी फाइबर ग्लास की नाव में शिफ्ट कर दिया गया।
- ओवरलोड होने के कारण यह नाव समुद्र में पलट गई।
प्रवासियों की जानलेवा यात्रा के आंकड़े
- 2025 में अब तक: मध्य भूमध्यसागरीय मार्ग से इटली पहुंचने की कोशिश में 675 प्रवासियों की मौत हो चुकी है (इस हादसे को छोड़कर)।
- जनवरी से जून 2025: समुद्र के रास्ते 30,060 प्रवासी इटली पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में 16% ज्यादा है।
- पिछले 10 सालों में: भूमध्यसागर पार करते समय लगभग 24,500 लोगों की मौत या गुमशुदगी हुई।
सबसे भयानक हादसा – 2013
3 अक्टूबर 2013 को उत्तरी अफ्रीका से इटली आते वक्त एक नाव में आग लगने के बाद वह पलट गई थी। इसमें इरिट्रिया, सोमालिया और घाना के 500 से अधिक प्रवासी सवार थे। इस त्रासदी में कम से कम 368 लोगों की जान चली गई थी।
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि भूमध्यसागर का यह मार्ग दुनिया के सबसे खतरनाक प्रवासी मार्गों में से एक है। बेहतर सुरक्षा, निगरानी और प्रवासी संकट के स्थायी समाधान के बिना ऐसी त्रासदियां भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं।





