BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर: लसूड़िया क्षेत्र में 12 दिन पहले हुए पारिवारिक विवाद का तीसरा शिकार भी मौत के आगोश में चला गया। बुधवार सुबह एमवाय अस्पताल में 16 वर्षीय पलक करेले ने दम तोड़ दिया। पलक अपनी दादी को आग से बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से झुलस गई थी।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त को निरंजनपुर इलाके में पलक के दादा रामबाबू ने किसी पारिवारिक विवाद के चलते पत्नी पानबाई पर आग डाल दी। उस समय घर में मौजूद पलक ने दादी को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह भी 50% तक जल गई। घटना के तुरंत बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मौतों की सिलसिला
हादसे के दिन ही रामबाबू घर छोड़कर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। कुछ दिन बाद, 6 अगस्त को पानबाई ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब, लगभग दो हफ्ते बाद, पलक की भी मौत हो गई।
परिवार की पृष्ठभूमि
पलक 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके पिता मिस्त्री का काम करते हैं और परिवार में एक छोटा भाई भी है। पिता और बच्चे अलग घर में रहते थे, लेकिन घटना के समय पलक दादी के साथ थी। परिवारजन इस त्रासदी से पूरी तरह टूट चुके हैं।





