BY: Yoganand Shrivastva
रोहतास, बिहार | बिहार के रोहतास जिले से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है। यहां एक बिल्ली के नाम पर निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया, जिसमें नाम ‘कैट कुमार’, पिता का नाम ‘कैटी बॉस’ और मां का नाम ‘किटया देवी’ दर्ज था। हैरानी की बात यह है कि आवेदन के साथ लगी तस्वीर भी किसी इंसान की नहीं, बल्कि एक असली बिल्ली की थी।
कब और कैसे हुआ मामला दर्ज?
यह मामला 29 जुलाई 2025 को बिहार सरकार के RTPS (रियल-टाइम पब्लिक सर्विस) पोर्टल पर सामने आया। आवेदन में पता ग्राम अतीमिगंज, वार्ड 07, पोस्ट महदेवा, थाना नासरीगंज, जिला रोहतास लिखा गया था। उद्देश्य के रूप में ‘स्टडी’ का उल्लेख था। नासरीगंज अंचल के राजस्व कर्मचारी कौशल पटेल ने जब जांच की, तो पूरा आवेदन फर्जी पाया गया।
प्रशासन की कार्रवाई
जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि यह ऑनलाइन सिस्टम का मज़ाक उड़ाने और सरकारी व्यवस्था की छवि धूमिल करने की कोशिश थी। प्रशासन ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, आपराधिक षड्यंत्र और तकनीकी दुरुपयोग के तहत FIR दर्ज कर दी है। साथ ही साइबर सेल को जिम्मा सौंपा गया है कि IP एड्रेस और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जाए।
पहले भी हुए ऐसे कारनामे
यह पहली बार नहीं है कि बिहार में इस तरह के फर्जी प्रमाण पत्र बने हों।
- पटना के मसौढ़ी में ‘डॉग बाबू’ के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ था, जिसमें पिता का नाम ‘कुत्ता बाबू’ और मां का नाम ‘कुतिया बाबू’ लिखा गया था।
- पूर्वी चंपारण में भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा की फोटो लगाकर ‘सोनालिका ट्रैक्टर’ नाम से आवेदन किया गया था।
- खगड़िया में ‘भगवान श्रीराम’, ‘सीता’ और ‘कौआ’ के नाम पर भी फर्जी आवेदन सामने आए थे।
इन घटनाओं ने RTPS पोर्टल की सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष के आरोप और सिस्टम पर सवाल
लगातार हो रहे इन मामलों पर विपक्षी दलों ने तंज कसते हुए कहा कि जब बिल्लियों और कुत्तों के नाम पर भी प्रमाण पत्र बन सकते हैं, तो यह ई-गवर्नेंस की विश्वसनीयता पर गहरी चोट है। प्रशासन ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक आवेदन का गहन सत्यापन किया जाए और लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स और चुटकुले छा गए। कुछ यूज़र्स ने मजाक में लिखा कि अगर ‘कैट कुमार’ को प्रमाण पत्र मिल गया, तो जल्द ही ‘बिल्ली मौसी’ को राशन कार्ड भी मिल सकता है। कई लोगों ने RTPS पोर्टल में ‘एंटी-वायरस’ सिस्टम लगाने की सलाह तक दे डाली।
फिलहाल रोहतास प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।