रिपोर्ट- रूपेश सोनी
केरेडारी (बड़कागांव)। चट्टीबरियातू कोल माइंस के विस्तार को लेकर शनिवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। रित्विक कंपनी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू की चारदीवारी और चिमनी भट्टा को ध्वस्त कर दिया, जिसके बाद पूर्व मंत्री और उनके समर्थक उग्र हो उठे। गुस्साए समर्थकों ने एनटीपीसी के अधीनस्थ एमडीओ कंपनी रित्विक के दो कर्मियों और एक पोकलेन ऑपरेटर की पिटाई कर दी और उन्हें बंधक बना लिया।
बिना नोटिस तोड़ी गई संपत्ति, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने बिना नोटिस दिए, प्रशासन की मदद लेकर यह कार्रवाई की। उनका कहना है कि कंपनी मनमानी कर रही है और स्थानीय जनता के साथ आतंक जैसा व्यवहार कर रही है। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर और बढ़ गया कि प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
‘प्रशासन बन चुका है कंपनियों की कटपुतली’
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरी तरह कंपनियों के इशारों पर काम कर रहा है। उनका कहना है कि सरकारी मशीनरी जनता के बजाय निजी कंपनियों के हितों को साधने में जुटी हुई है।
बंद हुई माइंस और ट्रांसपोर्टिंग
घटना के बाद कोल माइंस और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से बंद कर दी गई है। ग्रामीणों और पूर्व मंत्री के समर्थकों का कहना है कि जब तक उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और स्थिति की समीक्षा नहीं करते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कंपनी की मनमानी से त्रस्त जनता
स्थानीय लोगों ने कहा कि रित्विक कंपनी की मनमानी से वे बेहद परेशान हैं। अब पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू और ग्रामीण जनता के कड़े विरोध के कारण कंपनी की हेकड़ी निकल गई है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।





