BY: Yoganand Shrivastva
जबलपुर, मध्य प्रदेश — जिला कोर्ट में तैनात अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त (59 वर्ष) को लोकायुक्त पुलिस ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने एक फरियादी से दस्तावेजों पर साइन करने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी, ताकि वह एक पुराने आपराधिक केस में अपील दायर कर सके।
रिश्वत नहीं दी तो धमकी दी – “ऐसा पत्र बनाऊंगी कि आगे कुछ नहीं कर सकोगे”
शिकायतकर्ता बिहारी लाल रजक कई दिनों से सरकारी वकील के पास दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए जा रहे थे, ताकि वह अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सकें। लेकिन लोक अभियोजक कुक्कू दत्त ने बार-बार रिश्वत की मांग की। उन्होंने यहां तक कह दिया कि,
“अगर पैसे नहीं दिए, तो ऐसा जवाबी पत्र बना दूंगी कि तुम कभी अपील नहीं कर पाओगे।”
लोकायुक्त ने बिछाया जाल, घर में पकड़ी गईं
मंगलवार को कुक्कू दत्त ने फरियादी को सिविल लाइंस स्थित अपने घर बुलाया, और जैसे ही उसने रिश्वत की रकम स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर की गई थी।
मामला: आरोपी को कोर्ट ने बरी किया, अपील के लिए मांगी गई रिश्वत
बिहारी लाल रजक ने वर्ष 2022 में एक मामला दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को निर्दोष करार दिया। शासन की ओर से लोक अभियोजक कुक्कू दत्त को आदेश मिला था कि इस फैसले के खिलाफ अपील करें। लेकिन उन्होंने अपील के दस्तावेज तैयार करने और उस पर साइन करने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
इन धाराओं में दर्ज किया गया केस
लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B), 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम ने वकील के घर पर भी तलाशी ली।





