BY: Yoganand Shrivastva
आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर अवैध धर्मांतरण के मामलों पर सख्त तेवर दिखाए। उनका गुस्सा इस बार बलरामपुर के छांगुर बाबा पर फूटा, जिसे हाल ही में जबरन धर्मांतरण और बहन-बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
“बलरामपुर से एक जल्लाद को उठाया गया है” — सीएम योगी
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा,
“कल आपने देखा कि कैसे बलरामपुर से एक ऐसे जालिम को गिरफ्तार किया गया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ सौदेबाजी कर रहा था। ऐसे राष्ट्रविरोधी और समाज-विरोधी लोगों को हम खत्म करके ही दम लेंगे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि,
“हम सिर्फ धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि मां धरती के स्वास्थ्य और स्मृतियों की भी रक्षा कर रहे हैं।”
कौन है छांगुर बाबा?
छांगुर बाबा का असली नाम जमालुद्दीन है, जिसे उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि वह एक गुप्त गिरोह चला रहा था, जो जातिगत आधार पर लड़कियों का धर्मांतरण करवाता था — और वो भी मुश्किल से यकीन करने लायक रेट लिस्ट के साथ:
- ब्राह्मण, क्षत्रिय और सिख लड़कियों के धर्मांतरण के लिए: ₹15-16 लाख
- पिछड़ी जातियों के लिए: ₹10-12 लाख
- अन्य वर्गों के लिए: ₹8-10 लाख
यह सिर्फ धोखा या डर नहीं था — गरीब और असहायों को रुपए, नौकरी या कानूनी मामलों की धमकी देकर धर्म बदलने पर मजबूर किया जाता था।
100 करोड़ की फंडिंग, आलीशान कोठी और लग्जरी शौक
जांच एजेंसियों के अनुसार, छांगुर बाबा को खाड़ी देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिली। इन पैसों का इस्तेमाल उसने:
- बलरामपुर के मधपुर गांव में 40 कमरों वाली कोठी
- दो लग्जरी शोरूम
- महंगी गाड़ियां
- और पुणे के लोनावला में अचल संपत्ति
खरीदने में किया।
40 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों की लेन-देन हो चुकी है, जिसकी जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथ में है।
बुलडोजर लगातार दूसरे दिन चला
छांगुर बाबा की बेशकीमती कोठी पर बुलडोजर कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। जिस आलीशान बंगले को जमींदोज किया गया, उसमें:
- 40 कमरे
- विशाल सोलर पैनल
- महंगे इंटीरियर और सजावट
पाई गई थी।
इसके अलावा उतरौला बाजार में मौजूद उसके रेडीमेड कपड़ों और जूतों के शोरूम को भी सील कर दिया गया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि छांगुर खुद को “पीर” बताता था और लोगों को धोखे से अपने जाल में फंसाता था।





