अशोकनगर में जीतू पटवारी पर एफआईआर, युवकों ने कहा- दबाव में दिया था झूठा बयान

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जीतू पटवारी पर एफआईआ

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अशोकनगर जिले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। खास बात यह है कि जिन युवकों के साथ उन्होंने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, अब उन्हीं युवकों ने पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

  • 25 जून को ओरछा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
  • इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मूडरा बड़वाह गांव के दो युवक गजराज लोधी और रघुराज लोधी भी मौजूद थे।
  • दोनों ने प्रेस वार्ता में दावा किया था कि विकास यादव और उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट की और जबरदस्ती मानव मल खिलाया।

24 घंटे में बदली कहानी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन, 26 जून को दोनों युवक अशोकनगर कलेक्टर के पास पहुंचे और नया बयान दिया। उन्होंने शपथ पत्र में कहा:

  • उनके साथ विकास यादव और अन्य लोगों ने सिर्फ मारपीट की थी।
  • मानव मल खिलाने वाली बात झूठी थी।
  • उन्हें स्थानीय नेताओं ने ओरछा ले जाकर जीतू पटवारी से मिलवाया।
  • पटवारी ने उन्हें अलग ले जाकर मानव मल खिलाने का झूठा आरोप लगाने का दबाव डाला।
  • बदले में मोटरसाइकिल और जीवनभर खर्चा-पानी देने का लालच दिया गया।

किन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर?

मुंगावली पुलिस ने इस मामले में जीतू पटवारी सहित अन्य पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) की निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया है:

  • धारा 61(2)
  • धारा 196(1)(A)
  • धारा 197(1)(C)
  • धारा 229(2)
  • धारा 237
  • धारा 353(1)(C)

थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह यादव ने एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है।

क्या बोले दोनों युवक?

शपथ पत्र में गजराज और रघुराज लोधी ने साफ लिखा है कि:

  • उन्हें मानव मल नहीं खिलाया गया।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बयान दिया गया था, वह दबाव में और लालच में आकर दिया गया था।
  • स्थानीय नेताओं ने उन्हें ओरछा ले जाकर पूरी योजना रची।

राजनीतिक हलकों में हलचल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद:

  • मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।
  • बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे साजिश करार दिया है।
  • कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है। जहां एक ओर एफआईआर ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर यह मामला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कांग्रेस और पटवारी पक्ष से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

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