“ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लेने से पत्नी को मारने का हक नहीं मिल जाता” – सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार ब्लैक कैट कमांडो को

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली: एक पत्नी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ब्लैक कैट कमांडो को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। आरोपी ने खुद को एक वीर सैनिक बताते हुए सरेंडर में छूट की मांग की, लेकिन अदालत ने उसे कड़ी फटकार लगाते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।

मामले की सुनवाई जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने की। आरोपी ने दलील दी कि उसने ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लिया था और बीते 20 वर्षों से राष्ट्रीय राइफल्स में सेवाएं दे रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा – “देश के लिए वीरता दिखाने से आपको घर में अत्याचार करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।


सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा,

“आपकी फिजिकल ट्रेनिंग और कमांडो ट्रेन्डिंग यही दिखाती है कि आप अकेले ही अपनी पत्नी को मार सकते थे। ये कोई छूट का मामला नहीं है।”

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दी गई सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह साफ किया कि आरोपी पहले ही गंभीर अपराध का दोषी है, और उसे फिलहाल सरेंडर में राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि, अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए छह हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।


क्या है पूरा मामला?

यह मामला अमृतसर का है, जहां जुलाई 2004 में एक निचली अदालत ने बलजिंदर सिंह को दहेज हत्या (IPC 304-B) का दोषी करार दिया था। आरोप था कि शादी के दो साल बाद ही उसकी पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जांच के अनुसार, महिला को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।


कैसे दी गई हत्या को अंजाम?

मृतका के भाई और उसकी पत्नी ने गवाही दी कि 18 जुलाई 2002 की सुबह 9 बजे, जब वे पीड़िता के ससुराल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पति और ससुर ने चुन्नी से गला घोंट कर हत्या कर दी, जबकि सास और ननद ने हाथ-पैर पकड़े हुए थे। जब शोर मचाया गया, तो सभी आरोपी फरार हो गए और महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी।


वीरता बनाम अपराध

बलजिंदर सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने दलील दी कि वह लंबे समय से सेना की सेवा कर रहा है और ऑपरेशन सिंदूर जैसे खतरनाक मिशनों में भी शामिल रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा –

“वीरता के तमगे आपको घरेलू हिंसा से मुक्त नहीं कर सकते।”


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सेना में सेवाएं देना गर्व की बात जरूर है, लेकिन कानून सबके लिए समान है। देश के रक्षक अगर अपने ही घर में अत्याचार करें, तो वे कानून की नजरों में बिल्कुल भी विशेष नहीं हैं।

Murder Investigation: नियामतपुर से लापता अधेड़ का शव बरामद, जमीन विवाद में हत्या की आशंका

Murder Investigation: भागलपुर जिले के नाथनगर चौकी नियामतपुर क्षेत्र से लापता एक

District Hospital : कांकेर जिला अस्पताल में ट्रॉमा यूनिट का निरीक्षण, 10 दिन में शुरू होगी MRI मशीन

रिपोर्ट: प्रशांत जोशी District Hospital : नवनिर्मित ट्रॉमा यूनिट का निरीक्षण, कमियों

Bhagalpur : 22 साल से फरार रेप का आरोपी पुलिस की रडार पर; महाराष्ट्र पुलिस ने शाहपुर में की छापेमारी

रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा Bhagalpur महाराष्ट्र के नागपुर से आई पुलिस टीम

Haldwani: पिज़्ज़ा आउटलेट्स पर खाद्य विभाग की रेड, सैंपलिंग से मचा हड़कंप

Report by: Deepak Adhikari Haldwani: हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गर्मी

Sachin Tendulkar : दंतेवाड़ा में खेल क्रांति की शुरुआत, सचिन तेंदुलकर के दौरे से बढ़ा उत्साह

Sachin Tendulkar : छिंदनार में ऐतिहासिक दौरा, खेल सुविधाओं का होगा विस्तार