वन नेशन वन इलेक्शन पर पंजाब की तीन बड़ी पार्टियों का विरोध: संविधान की मूल भावना पर बताया हमला

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva


पंजाब में केंद्र सरकार की वन नेशन वन इलेक्शन (एक राष्ट्र, एक चुनाव) योजना को लेकर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल – तीनों प्रमुख दलों ने इस प्रस्ताव को न सिर्फ खारिज किया, बल्कि इसे भारतीय संविधान के संघीय ढांचे पर सीधा हमला करार दिया।

शनिवार को चंडीगढ़ में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की बैठक के बाद, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आप के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस प्रस्ताव की तीव्र आलोचना की।


“संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन संविधान की आत्मा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहल भारत की विविधता को खत्म कर, क्षेत्रीय दलों की ताकत कमजोर करने की रणनीति है।

“यह विधेयक संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाता है और राज्यों की स्वायत्तता को केंद्र के अधीन लाने का प्रयास करता है,” – हरपाल सिंह चीमा

चीमा ने आगे कहा कि यदि यह कानून लागू हुआ, तो राज्य विधानसभा चुनावों का समय केंद्र के निर्णय पर निर्भर हो जाएगा। इससे अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) और अनुच्छेद 360 (वित्तीय आपातकाल) के दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाएगी।


कांग्रेस का विरोध: “यह लोकतंत्र के खिलाफ है”

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि यह विचार संघीय ढांचे की नींव को हिला देगा।

वारिंग ने कहा:

“लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं। उन्हें एक साथ कराना स्थानीय मुद्दों और आकांक्षाओं को दबाने जैसा होगा। यह लोकतांत्रिक विविधता को एकरूपता में बदलने का खतरनाक प्रयास है।”


अकाली दल की मांग: अनुच्छेद 356 खत्म हो

शिरोमणि अकाली दल ने जेपीसी से अनुच्छेद 356 को समाप्त करने की सिफारिश की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि यह अनुच्छेद राज्यों में चुनावी अनिश्चितता का सबसे बड़ा कारण है।

उन्होंने इसके अलावा अनुच्छेद 82 ए, खंड 5 का भी विरोध किया, जो चुनाव आयोग को विधानसभाओं के चुनावों को स्थगित करने का अधिकार देता है। उनका मानना है कि इसका राजनीतिक दुरुपयोग हो सकता है।


उपचुनावों के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव

अकाली दल ने उपचुनावों को लेकर भी एक अनोखा सुझाव दिया। यदि किसी विधायक की मृत्यु हो जाए, तो पार्टी को बाकी कार्यकाल के लिए खुद ही किसी अन्य नेता को नामित करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक चुनावी खर्च और राजनीतिक अस्थिरता रोकी जा सकेगी।


विपक्ष एकजुट, केंद्र पर गहराया अविश्वास

पंजाब में वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। आप, कांग्रेस और अकाली दल का कहना है कि यह पहल संविधान के संघीय स्वरूप, राज्यों की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय विविधता के खिलाफ है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस व्यापक विरोध को कैसे संतुलित करती है।

Murder Investigation: नियामतपुर से लापता अधेड़ का शव बरामद, जमीन विवाद में हत्या की आशंका

Murder Investigation: भागलपुर जिले के नाथनगर चौकी नियामतपुर क्षेत्र से लापता एक

District Hospital : कांकेर जिला अस्पताल में ट्रॉमा यूनिट का निरीक्षण, 10 दिन में शुरू होगी MRI मशीन

रिपोर्ट: प्रशांत जोशी District Hospital : नवनिर्मित ट्रॉमा यूनिट का निरीक्षण, कमियों

Bhagalpur : 22 साल से फरार रेप का आरोपी पुलिस की रडार पर; महाराष्ट्र पुलिस ने शाहपुर में की छापेमारी

रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा Bhagalpur महाराष्ट्र के नागपुर से आई पुलिस टीम

Haldwani: पिज़्ज़ा आउटलेट्स पर खाद्य विभाग की रेड, सैंपलिंग से मचा हड़कंप

Report by: Deepak Adhikari Haldwani: हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गर्मी

Sachin Tendulkar : दंतेवाड़ा में खेल क्रांति की शुरुआत, सचिन तेंदुलकर के दौरे से बढ़ा उत्साह

Sachin Tendulkar : छिंदनार में ऐतिहासिक दौरा, खेल सुविधाओं का होगा विस्तार