महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण की बड़ी कामयाबी: 12 खूंखार माओवादियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष डाले हथियार

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Big success of surrender in Maharashtra: 12 dreaded Maoists surrendered in front of Chief Minister Devendra Fadnavis

रिपोर्टर: आज़ाद सक्सेना

माओवाद की हिंसक विचारधारा से मोहभंग और निर्दोष लोगों पर हो रहे अत्याचारों से त्रस्त होकर महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में 12 खूंखार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। ये आत्मसमर्पण महाराष्ट्र सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष इन माओवादियों ने हथियार डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ने का संकल्प लिया।

आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं:

3 डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर): सपनक्का, रामदास, शिवलाल

1 कमांडर और 2 डिप्टी कमांडर

4 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर)

1 सक्रिय पार्टी सदस्य

इन सभी पर कुल मिलाकर ₹1.12 करोड़ का इनाम घोषित था।
विशेष बात यह रही कि पहली बार दो माओवादियों ने AK-47 और वर्दी के साथ मुख्यमंत्री के सामने आत्मसमर्पण किया, जो एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ:

मुख्यमंत्री फडणवीस ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन को मजबूत करने के लिए जिला नियोजन समिति द्वारा प्रदान किए गए 19 चारपहिया वाहन पुलिस विभाग को सौंपे।

आत्मसमर्पित माओवादियों में से 13 जोड़ों का विवाह समारोह भी इस अवसर पर आयोजित किया गया, जिनमें गिरिधर और ललिता प्रमुख रहे।

कावंडे पुलिस स्टेशन (भामरागड उपमंडल, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा) का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों का मनोबल बढ़ाया।

C-60 कमांडो, CRPF और SRPF के जवानों से संवाद करते हुए उनके साहस और योगदान की सराहना की गई।

जनजागरण मेळावा में जनभागीदारी:

इस जन अभियान के तहत आयोजित “जनजागरण मेळावा” में 1000 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्हें छाते, साड़ियाँ, सायकिल, स्टेशनरी और खेल सामग्री वितरित की गईं।

शहीदों को श्रद्धांजलि और अपील:

मुख्यमंत्री ने एंटी-माओवादी अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया और शहीद महेश नागुलवार के परिजनों को ₹1.10 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की।
उन्होंने शेष माओवादियों से भी लोकतंत्र की मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा, “हिंसा का रास्ता छोड़ें, विकास का हिस्सा बनें। सरकार आपके पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है।”

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