किसान सभा ने जताया विरोध
कोरबा जिले के कुसमुंडा खदान में रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे भू-विस्थापित किसानों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। यह किसान एसईसीएल (SECL) द्वारा वर्षों पहले ली गई भूमि के बदले रोजगार की मांग कर रहे थे।
किसान सभा ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन और एसईसीएल पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए किसान सभा ने शनिवार को एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहान का पुतला दहन करने की घोषणा की है।
किसान सभा का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और आंदोलनकारियों को रिहा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन ने शासन और प्रशासन को चेतावनी दी है कि भू-विस्थापितों की अनदेखी करना सामाजिक अन्याय को बढ़ावा देना है, जो अब सहन नहीं किया जाएगा।





