भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून को जम्मू-कश्मीर में कटरा-सांगलदान रेल लिंक के उद्घाटन का वर्चुअल रूप से शुभारंभ करने वाले हैं। यह रेल परियोजना करीब 40 वर्षों से चली आ रही थी और अब पूरी तरह से पूरी हो चुकी है। इस परियोजना के साथ कश्मीर घाटी देश के शेष हिस्सों से सीधे रेल मार्ग द्वारा जुड़ जाएगी।
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USBRL परियोजना: कश्मीर को जोड़ने वाला ऐतिहासिक रेल मार्ग
- यूधमपुर-स्रीनगर-बारामूला रेल लाइन (USBRL) की लंबाई लगभग 272 किलोमीटर है।
- इसमें शामिल है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल, भारत का पहला केबल-स्टेड पुल और 13 किलोमीटर लंबा टनल T-50।
- जनवरी 2025 में कटरा-बनिहाल सेक्शन (111 किमी) पूरी हुई, जो इस परियोजना का अंतिम और महत्वपूर्ण हिस्सा था।
वंदे भारत ट्रेनें कश्मीर में सेवा देंगी
- उद्घाटन के साथ ही कटरा-स्रीनगर के बीच दो नई वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी।
- फिलहाल ये ट्रेनें सिर्फ कटरा और श्रीनगर के बीच ही चलेंगी।
- जम्मू रेलवे यार्ड में निर्माण कार्य जारी होने के कारण, जम्मू-से-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन सेवा अभी शुरू नहीं हो पाई है।
- अनुमान है कि अगस्त या सितंबर तक यह काम पूरा हो जाएगा, तब तक यात्रियों को कटरा पर ट्रेन बदलनी होगी।
सुरक्षा और अवसंरचना कारण
- वंदे भारत ट्रेनों के जम्मू तक न पहुंचने का कारण सुरक्षा नहीं बल्कि जम्मू स्टेशन के अवसंरचना कार्य हैं।
- कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने इस रूटिंग को आलोचना की थी क्योंकि इससे कश्मीर की पूरी कनेक्टिविटी प्रभावित होती है।
जम्मू रेलवे का नया डिविजन
- इस सप्ताह जम्मू डिविजन का संचालन शुरू हुआ, जो भारतीय रेलवे का 70वां डिविजन है।
- इसका मुख्यालय जम्मू तवी में है और इसमें यूएसबीआरएल के बड़े हिस्से शामिल हैं।
- यह नया डिविजन क्षेत्रीय रेलवे संचालन को और मजबूत करेगा।
परियोजना लागत और इतिहास
- USBRL परियोजना की अनुमानित लागत 43,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
- अकेले कटरा-बनिहाल सेक्शन में लगभग 35,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
- इस परियोजना की शुरुआत 1983 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने की थी।
- हालांकि, 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर इसके कार्य को गति दी।
क्यों है यह परियोजना महत्वपूर्ण?
- कश्मीर घाटी को भारत के मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह रेल लिंक सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- इससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बहुत बढ़ावा मिलेगा।
- यात्रियों के लिए भी यह सुविधा बहुत सहूलियत भरी होगी क्योंकि अब वे तेज और सुरक्षित रेल सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
निष्कर्ष
कटरा-सांगलदान रेल लिंक का उद्घाटन न केवल कश्मीर को देश के साथ जोड़ने में एक ऐतिहासिक कदम है, बल्कि यह क्षेत्र की समृद्धि और शांति के लिए भी एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। वंदे भारत ट्रेनों के संचालन से जम्मू-कश्मीर में यात्रियों को आधुनिक और तेज यात्रा सेवा मिलेगी, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा।
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