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अमरनाथ यात्रा 2025: पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा, 52 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती

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अमरनाथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र और प्रतिष्ठित तीर्थ यात्राओं में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। लेकिन 2025 की अमरनाथ यात्रा, हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी चुनौती बन गई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने यात्रा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं।


पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा को लेकर अलर्ट

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने अमरनाथ यात्रा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव ने भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 52,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को मंजूरी दी है।


गृहमंत्री अमित शाह का सुरक्षा समीक्षा दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29-30 मई को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बलों को अलर्ट रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।


इतनी बड़ी सुरक्षा तैनाती क्यों?

  • 581 कंपनियां होंगी तैनात
  • हर कंपनी में औसतन 90 जवान, यानी कुल 52,290 जवान
  • ये जवान यात्रा के दोनों मार्गों (बालटाल और पहलगाम) पर तैनात होंगे

तैनात की जाने वाली सुरक्षा एजेंसियां:

बलकंपनियों की संख्या
सीआरपीएफ (CRPF)219
बीएसएफ (BSF)143
एसएसबी (SSB)97
आईटीबीपी (ITBP)62
सीआईएसएफ (CISF)60

नोट: जम्मू-कश्मीर पुलिस इन केंद्रीय बलों के साथ अलग से तैनात होगी।


कब होगी सुरक्षा तैनाती?

इन सभी सुरक्षा बलों की तैनाती जून के मध्य से शुरू होगी। पहले वे यात्रा मार्गों की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेंगे, फिर पोस्टिंग शुरू की जाएगी।


अमरनाथ यात्रा 2025: तारीखें

  • शुरुआत: 3 जुलाई 2025
  • समापन: 9 अगस्त 2025
  • कुल अवधि: 38 दिन

हाईटेक निगरानी के इंतजाम

इस साल की अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है:

  • ड्रोन और हेलिकॉप्टर से निगरानी
  • डॉग स्क्वायड की तैनाती
  • गाड़ियों की GPS टैगिंग
  • श्रद्धालुओं की रियल-टाइम गिनती – ताकि कोई श्रद्धालु रास्ते में लापता न हो जाए

इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गतिविधि सुरक्षा के दायरे से बाहर न जाए।


शीर्ष अधिकारी कर रहे निगरानी

अमित शाह के अलावा कई सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख अधिकारी भी जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके हैं:

  • नलिन प्रभात – DGP, जम्मू-कश्मीर पुलिस
  • ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह – DG, CRPF
  • दलजीत सिंह चौधरी – DG, BSF

इनकी निगरानी में यात्रा की सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।


निष्कर्ष: श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित यात्रा का संकल्प

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस बार अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारी सुरक्षा बंदोबस्त और तकनीकी उपायों के जरिए श्रद्धालुओं को न सिर्फ सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा, बल्कि आतंकी मंसूबों को भी करारा जवाब मिलेगा।

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