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Maharashtra FDA Action: महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन, रेस्टोरेंट से स्कूल कैंटीन तक सख्ती; जानिए क्यों चर्चा में हैं तुकाराम मुंडे

Maharashtra FDA Action

BY: Yoganand Shrivastva

Maharashtra FDA Action महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम रेस्टोरेंट, फूड आउटलेट, डेयरी प्रतिष्ठानों, क्विक-कॉमर्स वेयरहाउस और स्कूल कैंटीन की जांच कर रही है। नियमों में गंभीर खामियां मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने और प्रतिष्ठानों को सील करने जैसी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के चलते FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे एक बार फिर अपने सख्त प्रशासनिक रवैये को लेकर चर्चा में हैं।

रेस्टोरेंट्स में मिलीं गंभीर खामियां, कई लाइसेंस सस्पेंड

Maharashtra FDA Action FDA की जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। निरीक्षण में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के सही तरीके से कैलिब्रेशन नहीं होने, तापमान में अंतर, किचन में गंदगी और कीटों की मौजूदगी जैसी समस्याएं मिलीं।

कुछ जगहों पर खाद्य सामग्री के आसपास सड़ा हुआ कचरा और साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गंदे कपड़े पाए गए। खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों पर स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं होने की बात भी सामने आई।

मुंबई में कई प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए कुछ प्रतिष्ठानों को सील किया गया और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

स्कूल कैंटीन पर भी FDA की नजर

Maharashtra FDA Action FDA का अभियान केवल रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल कैंपस और उसके आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी सख्ती की जा रही है।

स्कूलों को ज्यादा फैट, शुगर और नमक वाले यानी HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते कुछ स्कूलों ने कैंटीन के मेन्यू में बदलाव किया है। वड़ा पाव, समोसा और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की जगह पोहा, उपमा, इडली, डोसा और छाछ जैसे विकल्प शामिल किए जा रहे हैं।

FDA का उद्देश्य बच्चों में बेहतर खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना और स्कूलों में सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।

कौन हैं तुकाराम मुंडे, क्यों कहलाते हैं ‘सिंघम’?

Maharashtra FDA Action महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे अपनी सख्त कार्यशैली के लिए लंबे समय से चर्चित रहे हैं। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की थी। प्रशासनिक करियर के दौरान उनके कई तबादले हुए, जिसके कारण उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बनी जो नियमों के पालन को लेकर समझौता नहीं करते।

सोलापुर में जल संरक्षण से जुड़े कामों के लिए भी उनका नाम चर्चा में रहा है। उनकी कार्यशैली के कारण समर्थकों ने उन्हें ‘सिंघम’ उपनाम दिया है। अब FDA की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका फोकस खाद्य सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई पर है।

FDA का संदेश साफ है—जो प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें कार्रवाई की चिंता नहीं करनी चाहिए; लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

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