संवाददाता: सुजीत मंडल
पखांजूर और बांदे क्षेत्र की अंग्रेजी शराब दुकानें एक बार फिर विवादों में हैं। इन सरकारी दुकानों में शराब में मिलावट, वास्तविक मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, और कोचियों के जरिए अवैध वितरण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, और जिला पंचायत सदस्य दीपांकर राय ने इस संबंध में SDM को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गंभीर आरोप: केमिकल मिलावट और अवैध व्यापार
शिकायत में बताया गया है कि पखांजूर और बांदे की अंग्रेजी शराब दुकानों में रात 7:30 से 8:00 बजे के बीच शराब की बोतलों को खोलकर केमिकल मिलाया जाता है, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस मिलावट के बाद खाली बोतलों को PV 30 और बांदे के आसपास डंप कर दिया जाता है।
आबकारी विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार, शराब दुकान के सुपरवाइजर और सेल्समैन आबकारी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरे परलकोट क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में अवैध रूप से शराब का वितरण कर रहे हैं। दुकानों से कोचियों को शराब देकर, उसे वास्तविक दर से कहीं अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा है। यह गोरखधंधा हर महीने लाखों रुपये की अवैध कमाई में बदल रहा है।
भोले-भाले उपभोक्ता बन रहे हैं शिकार
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी शराब दुकानों से इस तरह की अनियमितताएं और लूट की घटनाएं आम हो गई हैं। शराब प्रेमी उपभोक्ता, जो नियमपूर्वक खरीदारी करना चाहते हैं, उन्हें मिलावट युक्त शराब, अधिक कीमत, और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
मांग: जांच और कार्रवाई
जिला पंचायत सदस्य दीपांकर राय द्वारा दिए गए ज्ञापन में शराब दुकानों में हो रही मिलावट और अवैध व्यापार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। स्थानीय लोगों ने भी आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है, और क्या इन सरकारी दुकानों में जारी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी या नहीं।





