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MP CM Care Scheme: कर्मचारियों को मिलेगा 20 लाख तक कैशलेस इलाज | 2025 अपडेट

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MP CM Care Yojana

मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘CM Care योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस नई स्वास्थ्य बीमा योजना से लाखों कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे वे महंगे इलाज के खर्च से बच पाएंगे।


🔍 CM Care योजना क्या है?

मुख्य विशेषताएं:

  • कैशलेस इलाज की सुविधा:
    • सरकारी कर्मचारी और अधिकारी: ₹20 लाख तक
    • पेंशनर्स: ₹5 लाख तक
  • योजना का लाभ 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा।
  • यह योजना मौजूदा MP Civil Services (Medical Attendance) Rules 2022 की जटिल रिइम्बर्समेंट प्रक्रिया को आसान बनाएगी।

📅 योजना को मिली हरी झंडी: क्या-क्या हुआ अब तक?

रविवार, 18 मई 2025 को भोपाल के रविंद्र भवन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना की औपचारिक घोषणा की।
योजना को अंतिम रूप वित्त विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने दिया है, और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।


⚙️ कैसे काम करती है मौजूदा व्यवस्था?

अभी सरकारी कर्मचारियों को इलाज के बाद खर्च का रिइम्बर्समेंट पाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है:

📌 भर्ती होने पर:

  • ₹5 लाख तक के क्लेम – संभागीय स्तर पर डीन की अध्यक्षता में कमेटी मंजूरी देती है।
  • ₹5 लाख से ₹20 लाख तक – संचालक स्वास्थ्य सेवाएं की कमेटी स्वीकृति देती है।

📌 बिना भर्ती के:

  • केवल ₹20,000 तक का रिइम्बर्समेंट मिलता है।
  • लगातार इलाज की स्थिति में हर 3 महीने में अधिकतम ₹8,000 की सीमा।
  • इसके लिए जिला मेडिकल बोर्ड की अनुमति जरूरी होती है।

🧾 मौजूदा रिइम्बर्समेंट प्रक्रिया में क्या दिक्कतें हैं?

देरी और अनिश्चितता:

  • कई मामलों में रिइम्बर्समेंट की प्रक्रिया दो साल से भी ज्यादा समय ले लेती है।
  • उदाहरण: सागर के एक पुलिसकर्मी ने 21 दिसंबर 2022 को इलाज के बाद आवेदन दिया, लेकिन 2025 तक भुगतान नहीं हुआ।

बजट की असमानता:

  • रिइम्बर्समेंट का बजट अक्सर शहरी इलाकों में खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों के कर्मचारियों को सालों इंतजार करना पड़ता है।

CM Care योजना क्यों है बेहतर?

मुद्दामौजूदा व्यवस्थाCM Care योजना
रिइम्बर्समेंट प्रक्रियालंबी और जटिलसीधा कैशलेस इलाज
अधिकतम सीमा₹20,000–₹5 लाख (शर्तों पर)₹20 लाख तक
पेंशनर्स को लाभसीमित₹5 लाख तक कैशलेस
मंजूरी में समयहफ्तों–महीनोंतत्काल इलाज की सुविधा

💬 कर्मचारी संघ की प्रतिक्रिया

जितेन्द्र सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी का कहना है:

“यह योजना कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है। अब उन्हें इलाज के लिए विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।”


📢 अगले कदम क्या हैं?

  • कैबिनेट की मंजूरी जल्द – योजना लगभग अंतिम चरण में है।
  • मंजूरी मिलते ही प्रदेशभर में लागू की जाएगी।
  • सरकार की योजना इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए भी एक्सेसिबल बनाने की है।

📌 निष्कर्ष: एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

‘CM Care योजना’ न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, बल्कि यह सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास को भी मजबूत करती है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स का जीवन भी बेहतर होगा।

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