BY- ISA AHMAD
राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन की डायरेक्टर समेत दो आरोपी गिरफ्तार
जशपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 150 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले में राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन, नई दिल्ली की डायरेक्टर अनीता उपाध्याय और मुख्य सरगना रत्नाकर उपाध्याय समेत दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
पत्थलगांव निवासी प्रार्थी अमित कुमार अग्रवाल द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, मिशन के नाम पर स्वेटर सप्लाई के बदले 5.70 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एसडीओपी श्री धुर्वेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई।
ऐसे पकड़े गए आरोपी:
पुलिस टीम ने दिल्ली में दो दिनों तक कैंप कर आरोपियों की तलाश की। आरोपी व्हाट्सएप कॉलिंग और बंद मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे से संपर्क करते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया था। लेकिन जैसे ही अनीता उपाध्याय का एक मोबाइल नंबर सक्रिय मिला, पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर 1000 करोड़ के ऑर्डर का लालच दिया और होटल ताज (चाणक्यपुरी) में मीटिंग तय की। अनीता उपाध्याय मीटिंग के लिए तैयार हो गई और वहां से हिरासत में ले ली गई।
पुलिस ने बेहद प्रोफेशनल तरीके से फर्जी पहचान के साथ होटल में मुलाकात की और अनीता से मुख्य अभियुक्त रत्नाकर उपाध्याय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। इसके बाद लगातार बदलती लोकेशन के बावजूद रत्नाकर को दिल्ली के सागरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसने शोर मचाकर खुद को अगवा बताया, लेकिन जशपुर पुलिस की सतर्कता और दिल्ली पुलिस के सहयोग से उसे दबोच लिया गया।
फर्जीवाड़ा का जाल और modus operandi:
2021 में लखनऊ से रजिस्टर्ड राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन को गरीब बच्चों की शिक्षा और सामग्री वितरण के उद्देश्य से शुरू किया गया था। लेकिन इस संस्था का असली मकसद विभिन्न राज्यों में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ठगना था।
अभियुक्तों ने वेंडरों से सिक्योरिटी मनी, प्रोसेसिंग चार्ज और काम दिलाने के नाम पर लाखों रुपए वसूले। अमित अग्रवाल, टी बर्ड इंटरप्राइजेज (बिलासपुर), और पूर्णिमा ट्रेडिंग (रायगढ़) से कुल 17.10 करोड़ रुपए का माल सप्लाई कराया गया और बदले में बाउंस होने वाले चेक दिए गए।
पुलिस जांच के चौंकाने वाले खुलासे:
पुलिस जांच में सामने आया है कि संस्था को केवल दो वर्षों में CSR मद से 140 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे, जबकि आरोपी बुकलेट में 600 करोड़ रुपए का टर्नओवर दर्शाते थे।
अब तक की जांच में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में 150 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है। आरोपियों के विरुद्ध 12 से अधिक आपराधिक प्रकरण विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं।
मुख्य अभियुक्त रत्नाकर उपाध्याय के पास लखनऊ में 24 फ्लैट, दिल्ली में दो फ्लैट और 2.5 करोड़ रुपए की रेंज रोवर कार सहित 40 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। पुलिस अब इन संपत्तियों की जानकारी एकत्र कर आगे की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
फरार आरोपी और आगे की कार्रवाई:
मामले में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जशपुर पुलिस इस बहुचर्चित ठगी मामले की बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करेगी।





