क्या आपकी नौकरी अगले 5 साल में रोबोट्स के हाथों में चली जाएगी?
मार्केट एक्सपर्ट और Marcellus Investment के संस्थापक सौरभ मुखर्जी का कहना है कि भारत में “सफेदपोश नौकरियों का स्वर्णिम दौर” अब खत्म हो चुका है। उनका मानना है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ऑटोमेशन की वजह से मिडिल-मैनेजमेंट लेवल की नौकरियां तेजी से खत्म हो रही हैं।
3 बड़े खतरे जो भारत के मिडिल क्लास को डराने चाहिए:
- AI का हमला: गूगल जैसी कंपनियां पहले ही 30% कोडिंग AI से करवा रही हैं। भारतीय IT, फाइनेंस और मीडिया सेक्टर में भी यही ट्रेंड आने वाला है।
- मिडिल मैनेजमेंट का पतन: सुपरवाइजरी और मैनेजरियल रोल्स अब टेक्नोलॉजी की भेंट चढ़ रहे हैं।
- सैलरी कल्चर की मौत: पुराना मॉडल जहां लोग 30 साल एक ही कंपनी में नौकरी करते थे, अब खत्म हो चुका है।
लेकिन डरने की नहीं, बदलने की जरूरत है!
मुखर्जी का कहना है कि भारत के पास JAM ट्रिनिटी (जनधन, आधार, मोबाइल) जैसे टूल्स हैं जो गरीबों तक बैंकिंग और इंफॉर्मेशन पहुंचा रहे हैं। अब मिडिल क्लास को भी “सैलरीमैन” से “एंटरप्रेन्योर” बनने की ओर कदम बढ़ाना होगा।
क्या करें?
✔ स्टार्टअप या फ्रीलांसिंग: छोटे-मोटे बिजनेस आइडियाज पर काम करें।
✔ स्किल अपग्रेड: AI, डिजिटल मार्केटिंग, क्रिएटिव स्किल्स सीखें।
✔ माइंडसेट बदलें: “नौकरी = सुरक्षा” वाली सोच छोड़ें। असफलता से डरो मत!

सबसे बड़ा सवाल:
क्या आप अपने बच्चों को कोटा कोचिंग और JP Morgan की नौकरी के सपने दिखाना जारी रखेंगे? या फिर उन्हें दुनिया बदलने वाला बिजनेसमैन बनने के लिए प्रेरित करेंगे?
आपकी राय? क्या आपको लगता है कि भारत में सैलरी कल्चर खत्म हो रहा है? कमेंट में बताएं!





