वॉशिंगटन: अमेरिका में शिक्षा और राजनीति के टकराव ने नया मोड़ ले लिया है। ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के दाखिले पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। यह कदम उस समय सामने आया जब हार्वर्ड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया और उसके बाद विश्वविद्यालय की फंडिंग पर भी रोक लगा दी गई।
व्हाइट हाउस की ओर से अमेरिका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी हार्वर्ड पर भर्ती, दाखिला प्रक्रिया और शिक्षण पद्धतियों में बदलाव की मांग की गई है। यह कार्रवाई कैंपस में बढ़ते यहूदी-विरोधी (Antisemitism) गतिविधियों से निपटने के नाम पर की जा रही है।
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने हार्वर्ड से उन विदेशी छात्रों के रिकॉर्ड की मांग की है जिन्हें उन्होंने “अवैध और हिंसक गतिविधियों में शामिल” बताया है।
वहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह यहूदी-विरोध के खिलाफ पहले ही कई ठोस कदम उठा चुकी है, लेकिन प्रशासन की हालिया मांगें शैक्षणिक स्वतंत्रता और बौद्धिक माहौल पर नियंत्रण की कोशिश हैं। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि यह एक राजनीतिक दबाव है।





