Consumer Commission Employees : मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारी हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग और जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस फैसले से लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। शासन के इस निर्णय को कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Consumer Commission Employees : वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को मिला लाभ
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के विशेष प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। जारी आदेश के अनुसार राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में कार्यरत 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर पदों पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का लाभ मिलेगा।
Consumer Commission Employees : विशेष अनुमति के तहत लिया गया फैसला
सामान्य प्रशासन विभाग के वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने के लिए शासन की पूर्व अनुमति आवश्यक थी। इस मामले को विशेष परिस्थिति मानते हुए राज्य सरकार ने “वन टाइम रिलेक्सेशन” प्रदान किया है, जिससे संबंधित कर्मचारियों को स्थायित्व का लाभ मिल सकेगा।
Consumer Commission Employees : मंत्रिपरिषद की बैठक में मिली थी मंजूरी
इस प्रस्ताव को 9 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर संबंधित कर्मचारियों को स्थायी कर्मी मान्यता देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
Consumer Commission Employees : सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का मिलेगा लाभ
स्थायी कर्मी का दर्जा मिलने के बाद कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के साथ-साथ शासन के नियमों के अनुसार वेतन निर्धारण और अन्य सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा। इससे कर्मचारियों की कार्यस्थल पर स्थिति मजबूत होगी और उन्हें भविष्य को लेकर अधिक सुरक्षा का अनुभव होगा।
Consumer Commission Employees : कर्मचारियों और परिवारों में खुशी का माहौल
कई वर्षों से नियमित सेवाएं दे रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए यह निर्णय राहत लेकर आया है। लंबे समय से स्थायित्व की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को अब सरकारी नियमों के अनुरूप सुविधाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
Consumer Commission Employees : कर्मचारी कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें अधिक समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित भी करेगा। सरकार का यह कदम संवेदनशील प्रशासन और कर्मचारी कल्याण की भावना को दर्शाता है।
Consumer Commission Employees : कार्यक्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि सेवा सुरक्षा मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी। स्थायी दर्जा मिलने के बाद वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे, जिससे उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।
Consumer Commission Employees : सरकार के फैसले का किया जा रहा स्वागत
सरकार के इस निर्णय का विभिन्न कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों द्वारा स्वागत किया जा रहा है। इसे लंबे समय से लंबित मांग के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से अन्य विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
read more : Ram Mandir Donation Controversy : चढ़ावे में चोरी, हेराफेरी या वित्तीय गड़बड़ी ?SC के रिटायर्ड जज करेंगे जांच, किस पर आंच ?

