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3 दलों का समर्थन, 8 घंटे की बहस…क्या वक्फ बिल पास होगा आज?

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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को लेकर संसद में गर्मागर्म बहस छिड़ने वाली है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि उन्हें जेडी(यू), एलजेपी(आरवी) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) जैसे सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ने इस बिल का विरोध करने की रणनीति तय की है। किन दलों का है समर्थन? जनता दल (यूनाइटेड): नीतीश कुमार की पार्टी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों से बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को सरकार तक पहुँचाया जाएगा। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास): चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी ने गरीब मुसलमानों के हित में बिल का समर्थन करने का फैसला किया है। तेलुगु देशम पार्टी: टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह बिल मुसलमानों के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। शिव सेना: पार्टी ने अपने सांसदों को बिल का समर्थन करने का निर्देश दिया है। कौन कर रहा है विरोध? कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, आप और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को बैठक कर रणनीति बनाई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "हम संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए इस बिल का विरोध करेंगे।" टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार चर्चा से बचना चाहती है। क्या बीजेपी के पास हैं संख्याएँ? लोकसभा: बीजेपी के 240 सांसद हैं। जेडी(यू) के 12, टीडीपी के 16, एलजेपी(आरवी) के 5 और शिव सेना के 7 सांसदों के समर्थन से बिल पास हो सकता है। राज्यसभा: एनडीए के 125 सदस्य हैं। 245 सदस्यीय सदन में बिल के लिए 119 वोट चाहिए। बीजेपी को उम्मीद है कि नामांकित सदस्य और छोटे दल भी साथ देंगे। वक्फ बिल क्यों है चर्चा में? इस बिल में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर बदलाव प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष इसे मुस्लिम अधिकारों पर हमला बता रहा है। आगे क्या होगा? बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में बिल पर चर्चा होगी। दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस की उम्मीद है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को लेकर संसद में गर्मागर्म बहस छिड़ने वाली है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि उन्हें जेडी(यू), एलजेपी(आरवी) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) जैसे सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ने इस बिल का विरोध करने की रणनीति तय की है।

किन दलों का है समर्थन?

  • जनता दल (यूनाइटेड): नीतीश कुमार की पार्टी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों से बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को सरकार तक पहुँचाया जाएगा।
  • लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास): चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी ने गरीब मुसलमानों के हित में बिल का समर्थन करने का फैसला किया है।
  • तेलुगु देशम पार्टी: टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह बिल मुसलमानों के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा।
  • शिव सेना: पार्टी ने अपने सांसदों को बिल का समर्थन करने का निर्देश दिया है।

कौन कर रहा है विरोध?

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, आप और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को बैठक कर रणनीति बनाई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “हम संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए इस बिल का विरोध करेंगे।” टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार चर्चा से बचना चाहती है।

क्या बीजेपी के पास हैं संख्याएँ?

  • लोकसभा: बीजेपी के 240 सांसद हैं। जेडी(यू) के 12, टीडीपी के 16, एलजेपी(आरवी) के 5 और शिव सेना के 7 सांसदों के समर्थन से बिल पास हो सकता है।
  • राज्यसभा: एनडीए के 125 सदस्य हैं। 245 सदस्यीय सदन में बिल के लिए 119 वोट चाहिए। बीजेपी को उम्मीद है कि नामांकित सदस्य और छोटे दल भी साथ देंगे।

वक्फ बिल क्यों है चर्चा में?

इस बिल में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर बदलाव प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष इसे मुस्लिम अधिकारों पर हमला बता रहा है।

आगे क्या होगा?
बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में बिल पर चर्चा होगी। दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस की उम्मीद है।

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