BY: Vijay Nandan
नागपुर: रविवार, 30 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय केशव कुंज पहुंचे। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक वहां रुकने के बाद उन्होंने संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली यात्रा थी। इससे पहले जुलाई 2013 में वह लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए एक बैठक में शामिल होने नागपुर आए थे। इस दौरे में उन्होंने माधव नेत्रालय के विस्तार भवन की नींव रखी।
अपने 34 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के इतिहास, भक्ति आंदोलन, संतों के योगदान, संघ की निस्वार्थ सेवा, देश के विकास, युवाओं में संस्कृति के प्रति जागरूकता, स्वास्थ्य, शिक्षा, भाषा और प्रयागराज महाकुंभ जैसे विषयों पर बात की।
उन्होंने संघ की प्रशंसा करते हुए कहा कि 100 साल पहले बोया गया राष्ट्रीय चेतना का बीज आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जो भारतीय संस्कृति और राष्ट्र की ऊर्जा का स्रोत है। स्वयंसेवकों के लिए सेवा ही जीवन का आधार है। हम ‘देव से देश, राम से राष्ट्र’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम मोदी के भाषण के 5 प्रमुख बिंदु:
- भारत की आजादी और भक्ति आंदोलन
पीएम ने कहा कि भारत ने कई आक्रमण झेले, फिर भी उसकी चेतना कभी खत्म नहीं हुई। भक्ति आंदोलन इसका जीवंत प्रमाण है। मध्यकाल में संतों जैसे गुरु नानक, कबीर, तुलसीदास, सूरदास, तुकाराम और ज्ञानेश्वर ने अपने विचारों से समाज को एकता और शक्ति दी। - संघ का योगदान
स्वामी विवेकानंद से लेकर हेडगेवार तक, राष्ट्रीय चेतना को जीवित रखने का प्रयास जारी रहा। आज संघ का वह विचार वटवृक्ष बन गया है। लाखों स्वयंसेवक इसके माध्यम से सेवा कर रहे हैं। यह भारतीय संस्कृति का आधुनिक प्रतीक है। सेवा हर स्वयंसेवक की साधना और प्रेरणा है। - युवाओं का आत्मविश्वास
भारत का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है। वह नवाचार और स्टार्टअप में अग्रणी है। महाकुंभ में युवाओं की भागीदारी ने सनातन परंपरा के प्रति उनके गर्व को दर्शाया। यह युवा 2047 के विकसित भारत का आधार है। - वैश्विक मदद में भारत की भूमिका
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश आज विश्व में गूंज रहा है। कोविड में भारत ने वैक्सीन दी, म्यांमार और नेपाल में आपदा सहायता पहुंचाई। युद्धग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को निकाला। भारत अब वैश्विक दक्षिण की आवाज बन रहा है। - स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति
हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना सरकार का लक्ष्य है। आयुष्मान भारत, जनऔषधि केंद्र और मुफ्त डायलिसिस सेवाओं से लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है।

अन्य गतिविधियां
- माधव नेत्रालय का विस्तार: पीएम ने इस नेत्र संस्थान के नए भवन की नींव रखी, जिसमें 250 बेड, 14 ओपीडी और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर होंगे।
- हेडगेवार और अंबेडकर को श्रद्धांजलि: पीएम ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ स्मृति मंदिर और दीक्षाभूमि में श्रद्धांजलि दी।
- UAV रनवे का उद्घाटन: नागपुर में सोलर डिफेंस के केंद्र में UAV एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया और ‘नागस्त्र-3’ ड्रोन का निरीक्षण किया, जो 100 किमी तक हमला कर सकता है।
नया भारत और स्वाभिमान
पीएम ने कहा कि भारत अब गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो रहा है। दंड संहिता की जगह न्याय संहिता, राजपथ का कर्तव्य पथ बनना और नौसेना के ध्वज में शिवाजी के प्रतीक का शामिल होना इसके उदाहरण हैं। अंडमान के द्वीपों के नाम भी स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे गए हैं।

संत गुलाबराव की प्रेरणा
महाराष्ट्र के संत गुलाबराव, जिन्हें प्रज्ञा चक्षु कहा जाता था, ने अंधेपन के बावजूद ग्रंथ रचे। उनकी दृष्टि समाज को प्रेरित करती है। संघ भी ऐसी ही अंतर्दृष्टि और सेवा का प्रतीक है। यह दौरा और संबोधन भारत के स्वाभिमान, संस्कृति और विकास के प्रति सरकार व संघ के संकल्प को दर्शाता है।
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