कौशांबी, यूपी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां खाने को लेकर हुए विवाद के चलते दूल्हा बारात वापस लेकर लौट गया। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अगले दिन मंदिर में शादी करवाई गई।
कैसे हुआ विवाद?
यह घटना गढ़वा गांव की है, जहां चित्रकूट जिले के शेषा मऊ गांव से दूल्हा कमलेश अपनी बारात लेकर पहुंचा था। शादी की रस्में चल रही थीं, लेकिन खाने की व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
दूल्हन पक्ष का कहना था कि तय संख्या से अधिक बाराती आ गए, जिससे खाने की कमी हो गई। वहीं, दूल्हे पक्ष ने स्वागत और भोजन में कमी का आरोप लगाया। मामला बढ़ते-बढ़ते नोकझोंक और बहस तक पहुंच गया, जिससे दूल्हे ने गुस्से में आकर बारात वापस ले जाने का फैसला कर लिया।
पुलिस ने कराई मंदिर में शादी
बारात लौटते ही दुल्हन के घर में हड़कंप मच गया। परिवार ने तुरंत थाने जाकर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दूल्हे के घर पहुंचकर समझाया और उसे वापस आने के लिए राजी किया।
हालांकि, दूल्हा दुल्हन के दरवाजे पर दोबारा जाने को तैयार नहीं था। उसने शादी थाने में ही कराने की मांग की। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से थाने के पास स्थित एक मंदिर में शादी संपन्न करवाई गई और वहीं से दुल्हन की विदाई भी कर दी गई।
शादी में पुलिस की भूमिका
थाना प्रभारी उर्मिला सिंह ने दोनों परिवारों को समझाकर सुलह करवाई और शादी को संपन्न कराया। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा बनी हुई है, क्योंकि आमतौर पर पुलिस विवादों को सुलझाने का काम करती है, लेकिन यहां उन्होंने शादी करवाने में भी अहम भूमिका निभाई।
क्या सिखाती है यह घटना?
यह मामला दर्शाता है कि शादी के दौरान छोटी-छोटी बातों पर विवाद रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और समझाने के बाद मामला सुलझ गया और शादी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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