BY: Yoganand Shrivstva
UGC विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादित नियमों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन नियमों की दोबारा समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। अदालत में सरकार की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि नियमों पर पुनर्विचार करते समय सभी वर्गों के विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
सरकार बनाएगी समीक्षा कमेटी, सभी छात्रों के हितों पर रहेगा ध्यान
UGC सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि UGC के विवादित नियमों की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। इसके लिए कमेटी गठित करने की तैयारी है। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि नियम इस तरह तैयार किए जाएंगे, जिससे किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों को असंतोष या डर महसूस न हो।
CJI सूर्यकांत ने युवा पीढ़ी के भविष्य को बताया अहम
UGC मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नियम बनाते समय हर छात्र के हितों की रक्षा करना जरूरी है। देश की युवा पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वर्ग के विद्यार्थी के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
पिछली सुनवाई में नियमों के अमल पर रोक लगा चुका है सुप्रीम कोर्ट
UGC के इन नियमों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नियम भेदभावपूर्ण हैं और सामान्य वर्ग के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं।
इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नियमों के अमल पर रोक लगा दी थी। अदालत ने नियमों की भाषा को अस्पष्ट बताते हुए इनके दुरुपयोग की आशंका भी जताई थी। साथ ही केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि इन प्रावधानों की समीक्षा के लिए नई कमेटी बनाई जाए। अब केंद्र सरकार ने अदालत को कमेटी गठित करने और नियमों पर दोबारा विचार करने की जानकारी दी है।


