Mid Term: अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर ईरान के साथ जारी युद्ध को रिपब्लिकन पार्टी की हार की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार बताया है। इस बयान के बाद ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी और माना कि युद्ध की वजह से कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसका चुनाव पर असर पड़ा। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई के फैसले का बचाव करते हुए साफ कहा कि अगर उन्हें दोबारा ऐसा फैसला लेना पड़े तो वह फिर यही कदम उठाएंगे।
Mid Term: डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार हैं ट्रंप
चुनाव में हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ काम करने की संभावना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह विपक्षी पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर काम कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि वे सरकार के कामकाज में बाधा डालने वाला रवैया न अपनाएं।
ट्रंप के मुताबिक, डेमोक्रेट्स की ओर से उनसे संपर्क किया गया है और कुछ मुद्दों पर बातचीत करने की इच्छा जताई गई है। उन्होंने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर विपक्ष का रुख विनाशकारी रहा तो उनकी सरकार उसे स्वीकार नहीं करेगी। इस दौरान ट्रंप ने अपने पास मौजूद राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का भी जिक्र किया।
Mid Term: ईरान पर दोबारा हमला करने का फैसला भी लेंगे ट्रंप
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के फैसले पर सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह इसे लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने माना कि युद्ध के कारण कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन उनके मुताबिक लंबी अवधि में यह कदम जरूरी था।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल जाते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसी तर्क के आधार पर उन्होंने कहा कि अगर उन्हें फिर से वही स्थिति मिले, तो वह दोबारा सैन्य कार्रवाई का फैसला करेंगे।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें शुरुआत में आशंका थी कि युद्ध के कारण तेल की कीमतें मौजूदा स्तर से दो से तीन गुना तक बढ़ सकती हैं। हालांकि, उनके दावे के मुताबिक हाल के दिनों में ईंधन की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप ने कहा कि लंबे समय के लिहाज से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।
Mid Term: ईरान के साथ युद्ध कब खत्म होगा?
ईरान के साथ जारी युद्ध के समाप्त होने की समयसीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष उनकी इच्छा के अनुसार कभी भी खत्म हो सकता है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि युद्ध को समाप्त करने की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी होनी चाहिए।
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने ईंधन की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पहले आशंका थी कि युद्ध के कारण तेल की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी, लेकिन हालिया गिरावट ने स्थिति को कुछ अलग बना दिया है।
राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अब बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही हो रही है, जबकि संघर्ष की शुरुआत में वहां से आपूर्ति प्रभावित थी। उनके मुताबिक, तेल की कीमतों में बदलाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है।
Mid Term: जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को बताया पार्टी की हार की वजह
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार की सबसे बड़ी वजह ईरान के साथ जारी युद्ध है। वेंस के मुताबिक, पार्टी को यह समझना होगा कि जिन मतदाताओं ने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप और वेंस का समर्थन किया था, उनमें से कई इस बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में चले गए।
वेंस ने यह भी कहा कि पार्टी को आगे की रणनीति तय करते समय युद्ध खत्म करने, महंगाई और आम लोगों के जीवन-यापन की लागत पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति और इजरायल के साथ संबंधों पर भी दोबारा विचार करने की बात कही।
वेंस की टिप्पणी को ट्रंप की युद्ध नीति से सार्वजनिक दूरी बनाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने उनकी बात को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने माना कि ईरान युद्ध और पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया, लेकिन इसके बावजूद सैन्य कार्रवाई के फैसले को सही बताया।
Mid Term: महाभियोग की आशंका पर ट्रंप ने क्या कहा?
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें भविष्य में महाभियोग की कार्रवाई का डर है। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है।
ट्रंप ने दावा किया कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे खुद विपक्ष को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने अपने कार्यकाल और फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि देश को सफल बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर उन्हें पछतावा नहीं है।
मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन बदल गया है। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे और नीतियों पर विपक्ष की निगरानी बढ़ सकती है। ऐसे में ईरान युद्ध, महंगाई और विदेश नीति आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।


