By: Vijay Yadav
Vitamin B12 : शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, विटामिन B12 यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, डीएनए बनाने और नसों (नर्वस सिस्टम) को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कई तरह के संकेत देने लगता है। परेशानी की बात ये है कि शुरुआती लक्षणों को लोग अक्सर सामान्य थकान, कमजोरी या उम्र बढ़ने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी रहने से एनीमिया, याददाश्त और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं शरीर में विटामिन B12 की कमी के ऐसे 7 संकेत, जिन्हें पहचानना जरूरी है।
Vitamin B12 : लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
विटामिन B12 की कमी का सबसे आम संकेत लगातार थकान और कमजोरी है। इस विटामिन की कमी से लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण पर असर पड़ सकता है। इससे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। परिणामस्वरूप व्यक्ति को पर्याप्त आराम करने के बाद भी थकान महसूस हो सकती है। रोजमर्रा के छोटे काम करने में भी ऊर्जा की कमी महसूस होना इसका संकेत हो सकता है।
Vitamin B12 : हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन
अगर आपके हाथों और पैरों में बार-बार झनझनाहट होती है या सुई चुभने जैसा एहसास होता है, तो इसे हल्के में न लें। विटामिन B12 नसों की सुरक्षा करने वाली माइलिन परत के रखरखाव में मदद करता है। इसकी कमी से नसों को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक कमी रहने पर हाथ-पैर सुन्न होने, जलन और चलने में संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
Vitamin B12 : याददाश्त कमजोर होना और ध्यान लगाने में परेशानी
विटामिन B12 मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को चीजें याद रखने, ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है। कई बार व्यक्ति छोटी-छोटी बातें भूलने लगता है। गंभीर कमी की स्थिति में भ्रम और मानसिक स्थिति में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
Vitamin B12 : जीभ में सूजन, जलन और मुंह में छाले
विटामिन B12 की कमी का असर मुंह और जीभ पर भी दिखाई दे सकता है। जीभ का लाल होना, उसमें सूजन आना, जलन महसूस होना या जीभ का चिकना दिखाई देना इसके संभावित संकेत हैं। कुछ लोगों को बार-बार मुंह में छाले भी हो सकते हैं। यदि ऐसी समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।
Vitamin B12 : त्वचा का पीला या पीला-सफेद पड़ना
अगर आपकी त्वचा का रंग पहले की तुलना में पीला दिखाई देने लगा है, तो इसके पीछे विटामिन B12 की कमी भी एक वजह हो सकती है। इसकी कमी से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में गड़बड़ी हो सकती है। इससे एनीमिया की स्थिति पैदा हो सकती है। कुछ मामलों में त्वचा पर हल्का पीलापन भी नजर आ सकता है।
Vitamin B12 : चक्कर आना और सांस फूलना
थोड़ा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य काम करने पर सांस फूलना और चक्कर आना भी विटामिन B12 की कमी के संकेत हो सकते हैं। इसकी कमी से एनीमिया होने पर शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। ऐसे में सिरदर्द, कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना और बेहोशी जैसा महसूस होना भी संभव है।
Vitamin B12 : चलने में संतुलन बिगड़ना और मांसपेशियों में कमजोरी
विटामिन B12 की कमी का असर शरीर की नसों पर पड़ सकता है। इसकी वजह से मांसपेशियों में कमजोरी, चलते समय लड़खड़ाहट और शरीर का संतुलन बनाए रखने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को पैरों में कमजोरी या चलने के तरीके में बदलाव भी महसूस होता है। लंबे समय तक कमी बने रहने पर नसों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है।
Vitamin B12 : किन लोगों में विटामिन B12 की कमी का खतरा अधिक है?
कुछ लोगों में विटामिन B12 की कमी होने की आशंका अधिक रहती है। इनमें शामिल हैं:
- शुद्ध शाकाहारी और वीगन डाइट लेने वाले लोग।
- बुजुर्ग व्यक्ति, जिनमें विटामिन के अवशोषण की क्षमता कम हो सकती है।
- पेट या आंतों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोग।
- पेट की सर्जरी करा चुके व्यक्ति।
- लंबे समय तक मेटफॉर्मिन या एसिडिटी की कुछ दवाएं लेने वाले लोग।
विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से मुख्यतः मांस, मछली, अंडे और दूध जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। कुछ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी इसके स्रोत हैं।
Vitamin B12 : विटामिन B12 की कमी की जांच और बचाव कैसे करें?
विटामिन B12 की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है। इसमें विटामिन B12 का स्तर और जरूरत के अनुसार कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) की जांच की जाती है। कमी की गंभीरता और कारण के आधार पर डॉक्टर सप्लीमेंट या इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं।
ध्यान रखें, केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन B12 की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। लगातार थकान, झनझनाहट या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्या होने पर जांच जरूर कराएं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर नसों को होने वाला कुछ नुकसान स्थायी भी हो सकता है।
डिस्क्लेमर, यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें।
ये भी जानिए : ISRO की बड़ी कामयाबी, GSLV-F18 से NVS-03 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च; अब और मजबूत होगी भारत की नाविक नेविगेशन सेवा


