,

UP Inland Waterways Rules: यूपी में जलयानों को मिलेगी विशिष्ट पंजीकरण संख्या, सुरक्षा के लिए घाटों पर गोताखोर और लाइफ जैकेट अनिवार्य

UP Inland Waterways Rules

Report: Vandna Rawat

UP Inland Waterways Rules उत्तर प्रदेश में नदी आधारित परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के साथ इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार नई नियामक व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के तहत यंत्रचालित और गैर-यांत्रिक जलयानों को विशिष्ट पंजीकरण संख्या दी जाएगी। इसके साथ ही जल परिवहन के विकास और नाविकों के कल्याण के लिए अलग-अलग निधियां गठित करने, घाटों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा के मानक तय करने का प्रावधान किया गया है।

इस व्यवस्था से गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती, गंडक और बेतवा जैसी प्रमुख नदियों में यात्री परिवहन, नदी पर्यटन, पारंपरिक नौका संचालन और माल परिवहन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शुल्क और जुर्माने से जुटाई जाएगी विकास निधि

UP Inland Waterways Rules उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के मुताबिक, प्रस्तावित नियमावली में जल परिवहन से प्राप्त शुल्क और जुर्माने के माध्यम से यंत्रचालित जलयानों के लिए राज्य विकास निधि गठित करने का प्रावधान है। वहीं, गैर-यांत्रिक जलयानों से संबंधित गतिविधियों के लिए जिला स्तर पर जिला कल्याण निधि बनाई जाएगी।

इन दोनों निधियों का उद्देश्य जल परिवहन के नियमन के साथ संबंधित क्षेत्रों के विकास और नाविकों के कल्याण के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। इससे जल परिवहन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्यों के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है।

पंजीकरण और सर्वेक्षण की जिम्मेदारियां होंगी निर्धारित

UP Inland Waterways Rules नियमावली के तहत जलयानों की पहचान, पंजीकरण, सर्वेक्षण और मूल्यांकन की जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएंगी। यंत्रचालित जलयानों के पंजीकरण के लिए प्रत्येक जिले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) को पंजीकरण अधिकारी नामित करने का प्रावधान है।

गैर-यांत्रिक जलयानों के पंजीकरण के लिए जिला स्तर पर मोटरयान निरीक्षक और तहसील स्तर पर सहायक मोटरयान निरीक्षक को नामांकन प्राधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जलयानों के सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (एनआईएनआई), पटना को नामित किया गया है।

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, यंत्रचालित जलयानों को 10 अंकों या अक्षरों और गैर-यांत्रिक जलयानों को 12 अंकों या अक्षरों की विशिष्ट पंजीकरण संख्या दी जाएगी। इससे जलयानों की पहचान सुनिश्चित करने, उनके संचालन से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित रखने और नियामक निगरानी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

घाटों पर रोशनी, साइनबोर्ड और गोताखोरों की व्यवस्था

UP Inland Waterways Rules नदी परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर स्थायी प्रकाश व्यवस्था, साइनबोर्ड, लाइफ बॉय और गोताखोरों की उपलब्धता अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। घाटों के पट्टे, रखरखाव, संचालन और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों और जिला समितियों के माध्यम से निर्धारित की जाएंगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य घाटों के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना तथा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आपातकालीन बचाव नावें

नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित करने का प्रावधान है। प्रत्येक यात्रा से पहले यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देना अनिवार्य होगा।

नियमावली में नावों पर यात्रियों की निर्धारित क्षमता से 10 प्रतिशत अधिक लाइफ जैकेट, 10 मीटर की रस्सी और प्राथमिक उपचार पेटी उपलब्ध रखने का भी प्रावधान शामिल है। इसके अलावा, आपातकालीन प्रतिक्रिया जलयानों यानी बचाव नावों की व्यवस्था 1:10 के अनुपात में रखने की योजना है, ताकि दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य तेजी से संचालित किया जा सके।

Read this: Jargo Dam Mirzapur: सीएम योगी के प्रयासों से 30 साल बाद मीरजापुर का जरगो बांध पानी से लबालब, किसान गदगद

Shyam Janmotsav Chandil: चांडिल में 30वें श्री श्याम जन्मोत्सव के पोस्टर और निमंत्रण कार्ड का विमोचन

रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव Shyam Janmotsav Chandil श्री श्याम कला भवन, चांडिल के…

Madhupur House Theft: मधुपुर में फौजी के बंद घर में चोरी, ग्रामीणों ने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस को सौंपा

रिपोर्ट: इम्तियाज अंसारी Madhupur House Theft मधुपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर फौजी…