Tech Sangam Lucknow लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट ‘टेक संगम’ को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एआई (AI), साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डेटा प्रोटेक्शन जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जल्द निर्णय लेने में मददगार हो सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय और नियंत्रण इंसान के हाथों में ही होना चाहिए। सीएम योगी ने सचेत किया कि तकनीक पर अति-निर्भरता संकट का कारण बन सकती है, इसलिए डीपफेक, साइबर फ्रॉड और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिम्मेदारी और मानवीय विवेक बेहद जरूरी है।
100 एकड़ जमीन पर भू-माफिया का कब्जा और लाचार पुलिस की कहानी
Tech Sangam Lucknow सीएम योगी ने बताया कि जिस स्थान पर आज उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS) स्थापित है, वह भूमि लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 100 एकड़ में फैली हुई है। 10 साल पहले इस जमीन पर पुलिस विभाग का नाम होने के बावजूद एक दबंग भू-माफिया ने कागजों में हेराफेरी करके अपना नाम दर्ज करवा लिया था। तत्कालीन परिस्थितियों पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस समय दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस उस भू-माफिया के आगे पूरी तरह लाचार बनी हुई थी और अधिकारियों के पास इस मामले का कोई हल नहीं था।
कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई से माफिया ने किया सरेंडर
Tech Sangam Lucknow मुख्यमंत्री ने उस जमीन को मुक्त कराने की पूरी प्रक्रिया साझा की:
- जांच और एफआईआर: डीजीपी से फाइल मंगवाने के बाद सीएम योगी ने गलत आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच बिठाई और विभाग की गलती सामने आते ही आरोपी पर पहली एफआईआर (FIR) दर्ज कराई।
- दूसरी एफआईआर का असर: जब भू-माफिया राहत पाने के लिए हाईकोर्ट पहुँचा, तो सरकार की ओर से उसके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज कर दी गई।
- जमीन की वापसी: लगातार कानूनी शिकंजा कसने के बाद माफिया ने सरेंडर कर दिया और जमीन छोड़ दी।
जमीन मुक्त होने के बाद इसी स्थान पर विश्वस्तरीय उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना की गई, जहाँ आज यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।


