संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Illegal Medicine Sale जिले में युवाओं के बीच इंजेक्शन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने से चिंता बढ़ गई है। बनखंडी रोड स्थित श्रीराम मेडिकल स्टोर्स पर मैपिन टर्मिन इंजेक्शन की बिक्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर की पर्ची के बिना इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि युवाओं को इन इंजेक्शनों की बिक्री निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
नशे के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल, युवाओं की सेहत पर खतरा
Illegal Medicine Sale मैपिन टर्मिन इंजेक्शन का उपयोग कुछ विशेष चिकित्सकीय परिस्थितियों में, खासकर ऑपरेशन या स्पाइनल एनेस्थीसिया के दौरान ब्लड प्रेशर कम होने पर, किया जाता है। ऐसे में इस दवा का बिना चिकित्सकीय सलाह इस्तेमाल करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आरोप हैं कि कुछ युवा इसका उपयोग स्टैमिना और वर्कआउट क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना निगरानी इस तरह की दवाओं का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर में खतरनाक बदलाव, दिल की धड़कन प्रभावित होने और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
पोरसा में इंजेक्शन की लत से युवक की मौत का मामला
Illegal Medicine Sale मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में कुछ महीने पहले इंजेक्शन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि मैपिन टर्मिन इंजेक्शन की लत से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने युवाओं में दवाओं के दुरुपयोग और नशे की लत के खतरनाक परिणामों को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, इस मामले में इंजेक्शन की लत और युवक की मौत के बीच संबंध की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
शिकायतों और वायरल वीडियो के बाद ड्रग विभाग की कार्रवाई पर नजर
Illegal Medicine Sale स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि शिकायतों के बावजूद संबंधित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि बिना आवश्यक चिकित्सकीय पर्चे के नियमों के विरुद्ध इंजेक्शन बेचे जाने की पुष्टि होती है, तो यह औषधि नियंत्रण व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
डॉ. सुरेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, इस इंजेक्शन का इस्तेमाल चिकित्सकीय निगरानी में ही किया जाना चाहिए। इसके गलत इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने, दिल की धड़कन तेज होने और नींद से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक दुरुपयोग करने से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
अब निगाहें औषधि नियंत्रण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। विभाग द्वारा वायरल वीडियो की जांच, मेडिकल स्टोर के बिक्री रिकॉर्ड की पड़ताल और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आवश्यक कार्रवाई किया जाना महत्वपूर्ण होगा। युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दवाओं की बिक्री पर प्रभावी निगरानी जरूरी है।
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