Delhi University : दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) में नए शिक्षक संघ का गठन किया गया है। 9 अक्टूबर को आयोजित शिक्षकों की आम सभा (जनरल बॉडी मीटिंग) में संघ के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों का चयन हुआ। इस नई कार्यकारिणी में डॉ. शचींद्र मोहन को अध्यक्ष, डॉ. पंकज शर्मा को उपाध्यक्ष और डॉ. सुकांशिका वत्स को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षक संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नई कार्यकारिणी के गठन के साथ शिक्षकों के हितों, शैक्षणिक गुणवत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपेक्षा है। संघ के माध्यम से दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को मजबूत बनाने, शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान और उच्च शिक्षा के विकास के लिए भी प्रयास किए जाने की बात कही गई है।
Delhi University: डॉ. शचींद्र मोहन अध्यक्ष, जानें पूरी कार्यकारिणी
दिल्ली विश्वविद्यालय के CDOE में गठित नए शिक्षक संघ में विभिन्न शैक्षणिक विषयों से जुड़े शिक्षकों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। घोषित पदाधिकारियों में इतिहास, कॉमर्स, राजनीति विज्ञान और संगणक विज्ञान विभागों के शिक्षक शामिल हैं।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
- अध्यक्ष: डॉ. शचींद्र मोहन, सहायक प्राध्यापक, इतिहास
- उपाध्यक्ष: डॉ. पंकज शर्मा, सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स
- सचिव: डॉ. सुकांशिका वत्स, सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान
- सह-सचिव: डॉ. अंजलि सैन, सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स
- कोषाध्यक्ष: डॉ. चारु गुप्ता, सहायक प्राध्यापक, संगणक विज्ञान
कार्यकारी समिति के सदस्यों के रूप में डॉ. हिमानी कपूर, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. टीना कुमारी, डॉ. असगर अली, श्री प्रणव पिलानिया, डॉ. अमित तिवारी, डॉ. मोनिका जायसवाल और डॉ. अनिरुद्ध विजय का चयन किया गया है।
शिक्षक संघ के गठन को शिक्षकों के सामूहिक प्रतिनिधित्व और शैक्षणिक मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम बताया गया है। संघ से उम्मीद है कि वह शिक्षकों के अधिकारों और हितों से जुड़े विषयों को उठाने के साथ अकादमिक स्वायत्तता तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देगा।
Delhi University : भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षक हितों पर रहेगा जोर
नए शिक्षक संघ के सामने शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान, अकादमिक विकास और विद्यार्थियों के हितों को आगे बढ़ाने जैसी प्राथमिकताएं रहेंगी। इसके अलावा भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) को प्रोत्साहन देने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को अधिक सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिए जाने की अपेक्षा है।
शिक्षक संघ की ओर से भारतीय बौद्धिक परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को शैक्षणिक विमर्श में स्थान देने की बात भी कही गई है। इन उद्देश्यों के तहत शिक्षकों की एकजुटता और संस्थागत स्तर पर शैक्षणिक संवाद को महत्वपूर्ण माना गया है।
बैठक में मानवीय संवेदना से जुड़ा एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। डॉ. आइंस्टीन चार्ल्स की पुत्री सुश्री अदिति के चिकित्सा उपचार के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। इस पहल को शिक्षक समुदाय के आपसी सहयोग और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
नए शिक्षक संघ से अपेक्षा है कि वह शिक्षकों की समस्याओं को संबंधित मंचों पर उठाने, शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
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