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Farmers Protest : खटीमा में धान खरीद को लेकर प्रशासन-किसान आमने-सामने, 1 अक्टूबर से तौल नहीं हुई तो 3 अक्टूबर को आंदोलन की चेतावनी

Farmers Protest Khatima Paddy Procurement

रिपोर्ट: सुनील सैनी

Farmers Protest : खटीमा में धान खरीद का सीजन शुरू होने से पहले ही प्रशासन और किसान संगठन आमने-सामने आ गए हैं। खटीमा मंडी में हुई संयुक्त बैठक में प्रशासन ने धान खरीद की तैयारियां पूरी होने का दावा किया, जबकि किसान संगठनों ने 1 अक्टूबर से तौल शुरू नहीं होने पर 3 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने तहसील घेराव और हाईवे जाम करने की बात कही है।

Farmers Protest : 84 क्रय केंद्र स्थापित, 470 किसानों का पंजीकरण

वरिष्ठ विपणन अधिकारी के.सी. आर्या के अनुसार सरकार ने इस वर्ष कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। खटीमा ब्लॉक में कुल 84 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें यूसीएफ के 66, पीसीयू के 9, यूसीसीएफ के 6 और खाद्य विभाग के 3 क्रय केंद्र शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू हो चुकी है और अब तक 470 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। मंडी में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, वाटरमैन और बारिश से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी दी गई।

Farmers Protest : किसानों ने मंडी में व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

वहीं, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ष 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू करने की घोषणा करती है, लेकिन खरीद शुरू होने में देरी होती है। इससे किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को हुई बैठक में मंडी सचिव ललित मोहन पांडेय मौजूद रहे, लेकिन किसानों को मंडी में खरीद की पर्याप्त तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं।

भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष मनजिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि मंडी में अभी न तो तौल की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही कच्चे आढ़तियों का पंजीकरण पूरा हुआ है। किसान संगठन 1 अक्टूबर को धान लेकर मंडी पहुंचेंगे। यदि किसानों को परेशानी हुई तो 3 अक्टूबर को जिले में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Farmers Protest : बेमौसम बारिश से नुकसान, बोनस और ब्याज माफी की मांग

किसान नेता प्रकाश तिवारी ने बताया कि बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक 70 से 75 प्रतिशत तक बासमती धान खराब हो चुका है। वहीं मोटे धान की औसत उपज भी 30-35 क्विंटल प्रति एकड़ से घटकर करीब 20-23 क्विंटल प्रति एकड़ रह गई है।

किसान संगठनों ने सरकार से 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने और कृषि ऋण का ब्याज माफ करने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा कि यदि 1 अक्टूबर से तौल और 3 अक्टूबर से विधिवत धान खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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