Report: Prem Shrivastva
Jharkhand Police जमशेदपुर में आदिवासी महिला सिपाही से कथित अत्याचार और शोषण के मामले में आरोपी रहे पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार की दोबारा थाना प्रभारी के पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। झारखंड आदिवासी युवा संगठन और आदिवासी छात्र संगठन ने उनकी श्यामसुंदरपुर थाना प्रभारी के रूप में पदस्थापना पर आपत्ति जताते हुए पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
वर्ष 2025 में धालभूमगढ़ थाने में सामने आया था मामला
Jharkhand Police संगठनों के अनुसार, वर्ष 2025 में धालभूमगढ़ थाना में तैनात एक आदिवासी महिला सिपाही से कथित अत्याचार और शोषण का मामला सामने आया था। उस समय पवन कुमार धालभूमगढ़ थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे और उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे।
संगठन का दावा है कि मामले की जांच घाटशिला के तत्कालीन डीएसपी अजीत कुजूर ने की थी। जांच के बाद पवन कुमार को निलंबित किया गया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई थी।
18 सितंबर को श्यामसुंदरपुर थाना प्रभारी बनाए जाने पर सवाल
Jharkhand Police संगठन का कहना है कि वर्ष 2025 के मामले में जांच और विभागीय कार्रवाई पूरी हुई या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट किए बिना पवन कुमार को 18 सितंबर 2026 को श्यामसुंदरपुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी को लेकर दोनों आदिवासी संगठनों ने सवाल उठाए हैं।
संगठनों का कहना है कि जिस पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपने ही थाना की महिला पुलिसकर्मी से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच हुई हो, उसे दोबारा थाना प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी देने से पहले संबंधित मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
डीजीपी से पदस्थापना की समीक्षा की मांग
Jharkhand Police झारखंड आदिवासी युवा संगठन और आदिवासी छात्र संगठन ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर संवेदनशीलता जरूरी है। संगठनों के मुताबिक, ऐसे मामलों में जांच और विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट रहने से पुलिस विभाग के प्रति लोगों का भरोसा बनाए रखने में मदद मिलेगी।
दोनों संगठनों ने डीजीपी से पवन कुमार की श्यामसुंदरपुर थाना प्रभारी के रूप में की गई पदस्थापना की समीक्षा करने की मांग की है। इसके साथ ही वर्ष 2025 में सामने आए मामले की जांच और विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
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