Report: Santosh Saravgee
Dabra Cleanliness ग्वालियर जिले के डबरा नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में नजर आ रही है। नगर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी, चोक नालियां और कचरे के ढेर स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता के दावों के बावजूद नगर के कई हिस्सों में नियमित सफाई नहीं हो रही है।
डबरा के मुख्य चौराहों पर सुबह से देर शाम तक हजारों लोगों का आना-जाना रहता है, लेकिन यहां जगह-जगह कचरा फैला हुआ दिखाई देता है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंदगी के बीच संचालित हो रहे नाश्ते के ठेले
Dabra Cleanliness चौराहों पर बड़ी संख्या में नाश्ते और खाद्य सामग्री के ठेले संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि ठेलों से निकलने वाला कचरा, प्लास्टिक और दोने-पत्तल खुले में ही फेंक दिए जाते हैं। कई स्थानों पर खाद्य सामग्री बिना ढके रखी जाती है, जिससे मक्खियों और गंदगी का असर सीधे खाने-पीने की वस्तुओं पर पड़ रहा है।

बरसात में बढ़ा संक्रामक रोगों का खतरा
Dabra Cleanliness स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। गंदगी और जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। नागरिकों ने नगर पालिका से नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।
स्वच्छता नारों और जमीनी हकीकत में अंतर
Dabra Cleanliness नगर में कई स्थानों पर ‘स्वच्छ डबरा-स्वस्थ डबरा’ और स्वच्छ भारत अभियान के संदेश लिखे हुए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि वास्तविक स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, कचरा निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित निगरानी की मांग की है।


