BY: Yoganand Shrivastva
Chandrashekhar Azad Gonda गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। रविवार को आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और भीम आर्मी चीफ सांसद चंद्रशेखर आजाद समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे। बाराबंकी के रामनगर में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान सांसद की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई और वह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
तीन घंटे तक रोके गए चंद्रशेखर आजाद
Chandrashekhar Azad Gonda जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी के रामनगर में चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों को पुलिस ने करीब तीन घंटे तक रोके रखा। इसके बाद उन्हें लखनऊ की ओर वापस भेज दिया गया। चंद्रशेखर के समर्थकों ने इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप भी लगाया।
Chandrashekhar Azad Gonda मौके पर गोंडा और बाराबंकी पुलिस के अधिकारी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। रोकने के दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पुलिस अधिकारियों से बोले- जातिगत झगड़ा कराना चाहते हैं
Chandrashekhar Azad Gonda पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी गोंडा जाने की सूचना पुलिस को थी, लेकिन दूसरी गतिविधियों की जानकारी पर ध्यान नहीं दिया गया। बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस पर जातिगत विवाद बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
चंद्रशेखर ने कहा कि वह विनोद साहनी के परिजनों से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद वह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
हत्या को राजनीतिक साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग
Chandrashekhar Azad Gonda मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा हत्याकांड को राजनीतिक हत्या बताया और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विनोद साहनी दो महीने पहले उनके पास चुनाव का टिकट मांगने आए थे और करनैलगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि करनैलगंज में जिन लोगों को इससे नुकसान होने की आशंका थी, उन्होंने ही विनोद साहनी की हत्या कराई। हालांकि, ये आरोप चंद्रशेखर आजाद की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा देने की भी मांग की।
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