BY: Yoganand Shrivastva
Maharajganj Woman Found Alive उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोनौली कोतवाली क्षेत्र की एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला, जिसे परिवार पांच साल पहले मृत मान चुका था, अचानक जिंदा अपने घर लौट आई। परिवार ने जिस शव को महिला का समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था, अब उसकी पहचान को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
पांच साल पहले घर से लापता हुई थी इसरावती
Maharajganj Woman Found Alive सोनौली कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव की रहने वाली इसरावती करीब पांच साल पहले लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। काफी समय तक तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला।
Maharajganj Woman Found Alive इसी दौरान कोल्हुई थाना क्षेत्र के एक खेत में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव मिला था। पुलिस ने परिवार के लोगों को बुलाकर कपड़ों के आधार पर शव की पहचान कराने की कोशिश की। परिजनों ने उसे इसरावती का शव मान लिया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मुंबई की संस्था के लोग इसरावती को लेकर पहुंचे घर
Maharajganj Woman Found Alive पांच साल बाद उस समय परिवार के लोग हैरान रह गए, जब मुंबई की एक संस्था के लोग इसरावती को लेकर उसके घर पहुंचे। महिला को जिंदा देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार ने जिसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वही महिला अब उनके सामने सकुशल मौजूद थी।
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और उस समय बरामद किए गए शव की पहचान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इसरावती जिंदा थी, तो पांच साल पहले खेत से बरामद वह शव आखिर किस महिला का था?
अब अज्ञात शव की पहचान को लेकर उठे सवाल
Maharajganj Woman Found Alive इसरावती के जिंदा लौटने के बाद पूरे मामले की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं। परिवार के मुताबिक, उस समय पुलिस ने कपड़ों के आधार पर शव उन्हें सौंपा था और उन्होंने उसे इसरावती का मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था।
अब यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या वह अज्ञात महिला किसी अपराध का शिकार हुई थी और उसकी पहचान किए बिना ही मामले को खत्म मान लिया गया? फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। इसरावती के लौटने के बाद पुलिस की उस समय की कार्रवाई और अज्ञात शव की वास्तविक पहचान की जांच अहम हो गई है। उच्चाधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।


