Morena Chambal River Accident में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया। मुरैना के चिन्नौनी थाना क्षेत्र स्थित मचेला घाट पर बाबू महाराज मंदिर में दर्शन करने पहुंचे पिता-पुत्र चंबल नदी में स्नान करते समय गहरे पानी में चले गए। तेज बहाव के बीच दोनों नदी में डूब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया।
हादसे में ग्वालियर के बिरला नगर स्थित चंदनपुरा निवासी देवेंद्र सिंकरवार (45) और उनके 15 वर्षीय बेटे वंशू सिंकरवार के डूबने की जानकारी सामने आई है। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के बाद देवेंद्र का शव बरामद कर लिया गया, जबकि वंशू की तलाश अभी जारी है।
Morena Chambal River Accident: मंदिर जाने से पहले नदी में उतरे थे पिता-पुत्र
Morena Chambal River Accident की जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र सिंकरवार अपने बेटे वंशू के साथ करजोनी स्थित प्राचीन बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मंदिर पहुंचने से पहले दोनों मचेला घाट पर चंबल नदी में स्नान करने के लिए उतरे।
नहाते समय दोनों नदी के ऐसे हिस्से में पहुंच गए, जहां पानी की गहराई अधिक थी। देखते ही देखते दोनों तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद बचाव दल को मौके पर बुलाया गया।
Morena Chambal River Accident: एसडीआरएफ ने संभाला रेस्क्यू अभियान
Morena Chambal River Accident की सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम घाट पर पहुंची। जवानों ने नदी में उतरकर पिता-पुत्र की तलाश शुरू की। नदी में तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ा।
लगातार खोजबीन के करीब दो घंटे बाद एसडीआरएफ को देवेंद्र सिंकरवार का शव बरामद करने में सफलता मिली। शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं, 15 वर्षीय वंशू का अभी तक पता नहीं चल पाया है और उसकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
Morena Chambal River Accident: पिता का शव मिला, बेटे की तलाश जारी
Morena Chambal River Accident में पिता का शव मिलने के बाद अब बचाव दल का पूरा ध्यान वंशू सिंकरवार को खोजने पर है। एसडीआरएफ के जवान नदी के आसपास के हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में भी मातम का माहौल है। पिता-पुत्र बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे, लेकिन दर्शन से पहले ही नदी में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
Morena Chambal River Accident: बाबू महाराज मेले में जुटी थी बड़ी भीड़
Morena Chambal River Accident जिस इलाके में हुआ, वहां रविवार को बाबू महाराज का वार्षिक मेला भी लगा हुआ था। भादों महीने की दौज के अवसर पर हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मुरैना के अलावा ग्वालियर, श्योपुर, धौलपुर और आसपास के क्षेत्रों से भी लोग बाबू महाराज के दर्शन के लिए आते हैं। रविवार को करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान था। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच चंबल नदी में पिता-पुत्र के डूबने की खबर से घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Morena Chambal River Accident: एसडीओपी ने बताई हादसे की पूरी जानकारी
Morena Chambal River Accident को लेकर कैलारस एसडीओपी उमेश मिश्रा ने बताया कि दोपहर के समय मचेला घाट पर स्नान करने के दौरान पिता-पुत्र चंबल नदी में डूब गए थे। सूचना के बाद एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की।
एसडीओपी के अनुसार, करीब दो घंटे की कोशिश के बाद देवेंद्र सिंकरवार का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं उनके 15 वर्षीय बेटे वंशू की तलाश अभी भी की जा रही है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है।
Morena Chambal River Accident: घाट पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
Morena Chambal River Accident जैसी घटनाएं चंबल के तेज बहाव और गहरे पानी वाले घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को सामने लाती हैं। धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी में स्नान के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे स्थानों पर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने और सुरक्षित स्नान क्षेत्र तय करने की जरूरत रहती है। फिलहाल पुलिस और एसडीआरएफ की प्राथमिकता लापता वंशू को तलाशना है। रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है।
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