America: कनाडा और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे व्यापारिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक अहम संकेत दिया है। कार्नी ने कहा है कि कनाडा अमेरिका के साथ ऐसे व्यापार समझौते के लिए तैयार है, जो केवल तत्काल राजनीतिक लाभ तक सीमित न हो, बल्कि लंबे समय तक दोनों देशों के हितों को पूरा करे।
कनाडाई प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ओटावा किसी जल्दबाजी में किए गए समझौते या केवल राजनीतिक घोषणा के पक्ष में नहीं है। कनाडा ऐसा टिकाऊ समझौता चाहता है, जिसमें उसके कर्मचारियों, परिवारों और कारोबारों के हित सुरक्षित रहें। उनका कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच संतुलित और व्यावहारिक समझौता होता है तो इसका फायदा केवल कनाडा को नहीं, बल्कि अमेरिका के उपभोक्ताओं, कंपनियों और परिवारों को भी मिलेगा।
America से समझौते के लिए कनाडा तैयार
मार्क कार्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कनाडा के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका देश अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कनाडा किसी आसान राजनीतिक जीत की तलाश में नहीं है, बल्कि ऐसा परिणाम चाहता है जो लंबे समय तक दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो।
कार्नी के मुताबिक, कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में ऐसा समझौता जरूरी है जो दोनों तरफ के कर्मचारियों, परिवारों और कारोबारों की जरूरतों को ध्यान में रखे।
उन्होंने संकेत दिया कि अगर अमेरिका भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार होता है तो कनाडा बातचीत की मेज पर बैठने से पीछे नहीं हटेगा। कार्नी ने कहा कि जब अमेरिकी पक्ष बातचीत के लिए तैयार होगा, तब ओटावा भी एक ऐसे समझौते पर चर्चा करने के लिए तैयार रहेगा, जिससे दोनों देशों को वास्तविक लाभ मिल सके।
America: कनाडा सिर्फ अमेरिका के भरोसे नहीं रहेगा
हालांकि मार्क कार्नी के बयान से यह भी साफ हो गया कि कनाडा अब अमेरिका के अगले कदम का इंतजार करते हुए अपनी आर्थिक रणनीति को रोकने वाला नहीं है। कनाडाई सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दुनिया के दूसरे देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा को अपना पूरा समय अमेरिका की ओर से आने वाली किसी फोन कॉल या सोशल मीडिया पर जारी होने वाले अपडेट का इंतजार करने में नहीं लगाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश को इस समय अपनी अर्थव्यवस्था और उद्योगों को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि कनाडा को आगे बढ़ने के लिए नए बाजारों की तलाश करनी होगी और उन देशों के साथ व्यापारिक समझौते करने होंगे, जो कनाडा के साथ कारोबारी संबंध मजबूत करने में रुचि रखते हैं। इसका मकसद कनाडा की अर्थव्यवस्था को ज्यादा विविध बनाना और किसी एक देश पर व्यापारिक निर्भरता को कम करना माना जा रहा है।
America -कनाडा के बीच क्यों बढ़ा व्यापारिक तनाव?
कनाडा और अमेरिका के बीच मौजूदा व्यापारिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में गतिरोध पैदा हुआ। कनाडाई प्रधानमंत्री ने बताया कि ओटावा ने हाल ही में अमेरिका के साथ बातचीत रोकने का फैसला किया था, क्योंकि वॉशिंगटन की ओर से रखी गई कुछ शर्तों को कनाडा अपने हितों के अनुरूप नहीं मानता था।
कार्नी ने कहा कि कनाडा के सामने इस समय एक कठिन परिस्थिति है और देश की परीक्षा हो रही है। उनका कहना है कि अमेरिका की ओर से रखी गई मांगों को स्वीकार करना कनाडा के लिए संभव नहीं था। इसके बाद अमेरिका ने नए टैरिफ लागू किए, जिन्हें कनाडा अपने आर्थिक हितों के लिए नुकसानदायक मानता है।
कनाडाई प्रधानमंत्री के मुताबिक, मौजूदा हालात केवल दो सरकारों के बीच मतभेद का मामला नहीं हैं, बल्कि इनका असर दोनों देशों के कारोबार और आम लोगों पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि ओटावा किसी ऐसे समझौते की तलाश में है जो मौजूदा विवाद का स्थायी समाधान निकाल सके।
America: व्यापारिक गिरावट के बीच कनाडा की नई रणनीति
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों में आई गिरावट के बीच ओटावा अब अपनी आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम करने की कोशिश कर रहा है। कनाडा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दूसरे देशों के साथ व्यापारिक संपर्क बढ़ाना है, ताकि अमेरिकी बाजार पर उसकी निर्भरता को संतुलित किया जा सके।
मार्क कार्नी ने इस बात पर जोर दिया कि कनाडा को केवल अमेरिका के साथ बातचीत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनका संदेश साफ था कि जब तक वॉशिंगटन बातचीत के लिए तैयार होता है, तब तक कनाडा को अपनी अर्थव्यवस्था के दूसरे रास्ते तलाशते रहना चाहिए।
इसके साथ ही कनाडा सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादन और उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दे रही है। कार्नी ने इसी संदर्भ में कनाडा में यात्री रेलगाड़ियों के निर्माण से जुड़ी घोषणा का भी उल्लेख किया। करीब चार दशकों में पहली बार कनाडा में VIA रेल की यात्री गाड़ियां तैयार किए जाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
America: 40 साल बाद कनाडा में बनेंगी VIA रेल की यात्री गाड़ियां
मार्क कार्नी ने यह बयान ऐसे समय दिया जब उन्होंने घोषणा की कि करीब 40 वर्षों के बाद VIA रेल की यात्री गाड़ियों का निर्माण कनाडा में किया जाएगा। इसे घरेलू औद्योगिक क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत में तनाव के बीच कनाडा का यह कदम इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि ओटावा अपने घरेलू उद्योग और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। सरकार चाहती है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था केवल आयात और बाहरी बाजारों पर निर्भर न रहे, बल्कि देश के भीतर भी उत्पादन और रोजगार के नए अवसर तैयार हों।
America: अब अमेरिका के अगले कदम पर नजर
मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि वॉशिंगटन उचित समय पर बातचीत के लिए तैयार होता है तो कनाडा भी समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकता है। लेकिन साथ ही ओटावा ने यह संकेत भी दे दिया है कि वह अपने आर्थिक हितों को नजरअंदाज करके किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होगा।
ऐसे में अब निगाहें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या वॉशिंगटन और ओटावा फिर से बातचीत की मेज पर लौटेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने के लिए कोई लंबी अवधि का रास्ता निकलेगा, या कनाडा दूसरे देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को और तेजी से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।


