BY: Yoganand Shrivastva
Indian Postal Service भारतीय डाक विभाग ने डाक और पार्सल वितरण को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए ड्रोन आधारित डिलीवरी सेवा की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक तेज़ी से डाक सेवाएं पहुंचाना है। फिलहाल असम और हिमाचल प्रदेश में ड्रोन रूट्स विकसित किए जा रहे हैं।

हिमाचल में 2 घंटे का सफर, अब सिर्फ 7 मिनट
Indian Postal Service हिमाचल प्रदेश में डाक विभाग ने स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से ड्रोन नेटवर्क तैयार करना शुरू किया है। राज्य में करीब 110 ड्रोन रूट्स चिन्हित किए गए हैं। परीक्षण के दौरान जिस दूरी को तय करने में सड़क मार्ग से लगभग 2 घंटे लगते थे, उसे ड्रोन ने महज 7 मिनट में पूरा कर लिया।

असम में 40 ड्रोन रूट्स की तैयारी
Indian Postal Service असम में भी डाक विभाग ने ड्रोन डिलीवरी के लिए 40 रूट्स का खाका तैयार किया है। नदियों, जंगलों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में अब दवाइयां, जरूरी दस्तावेज और पार्सल पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से पहुंचाए जा सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
Indian Postal Service ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से ग्रामीण और दुर्गम इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे न केवल डाक वितरण की गति बढ़ेगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और आधुनिक बनेगी। भारतीय डाक विभाग की यह पहल देश में डिजिटल और तकनीकी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


