BY: Yoganand Shrivastva
Bhayli Gangrape Case गुजरात के चर्चित भायली गैंगरेप मामले में वडोदरा की अदालत ने करीब 22 महीने बाद फैसला सुनाते हुए पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने अपराध को बेहद गंभीर और जघन्य मानते हुए प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सरकार को दिया गया है।
नवरात्रि की रात हुई थी वारदात
Bhayli Gangrape Case मामला 4 अक्टूबर 2024 की रात का है। उस समय 16 वर्षीय नाबालिग अपने एक पुरुष मित्र के साथ बाहर गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, भयली इलाके में एक सुनसान रास्ते पर पांच आरोपियों ने दोनों को रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़िता के दोस्त को बंधक बनाया और इसके बाद नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

Bhayli Gangrape Case पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह रात करीब 11 बजे लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में अपने बचपन के दोस्त से मिलने गई थी। इसके बाद दोनों स्कूटी से लौट रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया।
मोबाइल नदी में फेंका, CCTV फुटेज भी बना अहम सबूत
Bhayli Gangrape Case मामले की जांच के दौरान पीड़िता का मोबाइल फोन भी आरोपियों द्वारा छीनकर विश्वामित्री नदी में फेंके जाने की बात सामने आई। पुलिस और दमकल टीम ने फोन बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि अदालत ने घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के साथ इस तथ्य पर भी विचार किया।
अभियोजन के अनुसार, जांच में 26 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें से तीन कैमरों की रिकॉर्डिंग में आरोपी दिखाई दिए। पीड़िता और उसके साथ मौजूद युवक के बयान समेत अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया।
इन पांच आरोपियों को मिली उम्रकैद
Bhayli Gangrape Case अदालत ने मामले में मुन्ना अब्बास बंजारा, मुमताज उर्फ आफताब सुबेदार बंजारा, शाहरुख किस्मतअली बंजारा, सैफअली महेंदीहसन बंजारा और अजमल सतार बंजारा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान हुई इस घटना को बेहद गंभीर माना। विशेष लोक अभियोजक के मुताबिक, अदालत ने कहा कि मामले में पेश किए गए साक्ष्य मजबूत थे और दोषियों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मौजूद थे। करीब 22 महीने बाद आए इस फैसले के साथ अदालत ने पीड़िता के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे का भी आदेश दिया है।




