Gen Z India : दिल्ली, बीते कुछ महीनों में जेन-जी ने सरकार की नाक में दम रखा है। नीट एक्जाम में हुए पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर और झारखंड में हुए आंदोलनों ने सरकारों को सोचने को मजबूर कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और झारखंड में कई परीक्षाओं में हुई धांधली के बाद अफसरों पर गिरी गाज ने न केवल राजनीतिक दलों को अलर्ट कर दिया है बल्कि जन-जी को साधने पर मजबूर कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं से संवाद कर रहे हैं। अलग अलग राज्यों में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के जरिये युवाओं को जोड़ रहे हैं।
Gen Z India : Gen-Z से कनेक्ट होने बीजेपी ने बनाई टीम, ‘छात्रों की गूंज’ युवाओं से राहुल का सीधा संवाद
शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। तो वहीं अब बीजेपी ने जेन-जी यानी युवा वोटर्स से जुड़ने के लिए खास टीम बनाई है। इसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के साथ गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी शामिल हैं। पार्टी इनके जरिए युवाओं की सोच, समस्याओं और उम्मीदों को समझने के लिए उनसे सीधा संवाद करेंगी।14 से 25 साल के युवाओं को जोड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Gen Z India : छात्र, रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर खास फोकस, Gen-Z से सियासी जुड़ाव, किसका कितना प्रभाव ?
बहरहाल अब एक ओर राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इंस्टाग्राम के ‘Ask Me Anything’ से लेकर छात्र संवाद कार्यक्रमों तक राहुल लगातार Gen-Z के सवालों को मंच दे रहे हैं। दूसरी तरफ बीजेपी ने भी युवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए खास रणनीति तैयार की है। पार्टी ने Gen-Z आउटरीच के लिए विशेष टीम बनाई है, जिसमें नितिन नबीन, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े जैसे नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। यानी अब सियासत का नया मैदान सिर्फ रैलियां और चुनावी सभाएं नहीं…बल्कि कॉलेज कैंपस, सोशल मीडिया और युवाओं के सवाल बन गए हैं।इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा….
Gen Z India : 14 से 25 साल के युवाओं को जोड़ेगी बीजेपी
•बीजेपी ने जेन-जी से जुड़ने के लिए टीम बनाई, नितिन नवीन, स्मृति-तावड़े शामिल।
•नई बीजेपी टीम जेन-जी के बीच ‘युवा संवाद’ अभियान चलाएगी।
•14 से 25 साल के युवाओं को जोड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
•अभियान का मकसद युवा वोटर्स के बीच पार्टी की पहुंच और संपर्क मजबूत करना है।
•इसके तहत बातचीत, चर्चा और युवा संवाद जैसे कार्यक्रम होंगे।
•कार्यक्रमों के जरिए जेन-जी की सोच, उनकी चिंताएं, जरूरतों, उम्मीदों को समझने की कोशिश होगी।
•युवाओं को बीजेपी नेताओं से सीधे बातचीत करने, अपने मुद्दे रखने का मौका मिलेगा।
•कार्यक्रम का शेड्यूल, फॉर्मेट और जगहों की जानकारी जल्द जारी होने की उम्मीद है।
Gen Z India : ‘छात्रों की गूंज’ युवाओं को जोड़ रहे राहुल
•देशभर में Gen-Z से कनेक्शन बढ़ाने में जुटी कांग्रेस।
•’छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का एक देशव्यापी छात्र आंदोलन।
•युवाओं, छात्रों को जोड़कर उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना।
•पेपर लीक, परीक्षाओं में धांधली, बेरोजगारी और बढ़ती फीस के खिलाफ छात्रों को एकजुट करना।
•राष्ट्रीय संवाद: देशभर के युवाओं से सीधा संवाद कर उनके मन की बात और चिंताओं को सुनना।
•सोशल मीडिया और जमीनी मुलाकातों के जरिए जेन-जी से सीधे संवाद
Gen Z India : सरकार जेन-जी से जुड़ने की कोशिश क्यों कर रही?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्र आंदोलन हुआ। शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरे। आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू होकर संसद तक पहुंचा। आंदोलन का राजनीतिक असर भी दिखा। प्रदर्शन के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया। सरकार को छात्रों की दूसरी मांगें भी मांगनी पड़ी। देश में युवा आबादी बड़ी है। भारत में 15-24 साल की उम्र के करीब 25.7 करोड़ युवा हैं। इतनी बड़ी आबादी चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाती है।




