Alaska: अमेरिका के अलास्का में एक सैन्य एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना उस समय हुई जब विमान घने कोहरे के बीच दूसरी बार रनवे पर उतरने की कोशिश कर रहा था।
यह हादसा गुरुवार दोपहर अमेरिकी समय के मुताबिक एंकरेज से करीब 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुआ। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे की जांच की। जांच में किसी भी व्यक्ति के जीवित होने की पुष्टि नहीं हुई।
Alaska: घने कोहरे में दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के प्रमुख क्लिंट जॉनसन के अनुसार, दुर्घटना के समय इलाके में दृश्यता बेहद कम थी। पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था और उन्हें विमान को उतारने के लिए उपकरणों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, कम दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग का पहला प्रयास रोकना पड़ा था। इसके बाद विमान ने दूसरी बार रनवे पर उतरने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हो सका।
Alaska: रनवे से करीब आधा किलोमीटर दूर गिरा विमान
अधिकारियों के अनुसार, दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान रनवे से लगभग आधा किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
केप न्यूएनहैम का रनवे तीन तरफ से पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है। ऐसे भौगोलिक क्षेत्र में खराब मौसम और कम दृश्यता के दौरान विमान संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
Alaska: विमान में सवार थे 8 लोग
दुर्घटनाग्रस्त विमान एक चार्टर्ड फ्लाइट थी। इसमें दो पायलटों के अलावा आर्मी कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारी और चार कॉन्ट्रैक्टर सवार थे।
वायुसेना के अनुसार, बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर विमान के मलबे की जांच की। जांच के दौरान किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य के जीवित होने के संकेत नहीं मिले।
Alaska: एयरफोर्स की सैन्य साइट पर हुआ हादसा
केप न्यूएनहैम एयरपोर्ट सामान्य नागरिक हवाई अड्डा नहीं है। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, यह एक एयरफोर्स स्ट्रिप है, जहां सैन्य विमानों और अधिकृत चार्टर उड़ानों को ही संचालन की अनुमति होती है।
इस वजह से एयरपोर्ट पर सामान्य व्यावसायिक विमान सेवा नहीं चलती। हादसे में शामिल विमान को भी निर्धारित अनुमति के तहत इस एयरफील्ड पर उतरना था।
Alaska: GPS और उपकरणों के सहारे लैंडिंग की सलाह
केप न्यूएनहैम का एयरपोर्ट कठिन भौगोलिक क्षेत्र में स्थित है। रनवे के आसपास पहाड़ी इलाका होने के कारण विमान चालकों के लिए लैंडिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से भी ऐसे क्षेत्र में उतरने वाले पायलटों को GPS और अन्य नेविगेशन उपकरणों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, हादसे के पीछे केवल मौसम या कम दृश्यता ही कारण था, यह अभी जांच पूरी होने से पहले कहना जल्दबाजी होगी।
Alaska: रडार साइट का क्या है रणनीतिक महत्व
केप न्यूएनहैम की रडार साइट अमेरिकी सैन्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मौजूद रडार सिस्टम अलास्का के एयरस्पेस की निगरानी करने वाले शुरुआती चेतावनी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
यह नेटवर्क अमेरिकी क्षेत्र की ओर आने वाले संभावित हवाई खतरों पर नजर रखने में मदद करता है। इसी कारण यह क्षेत्र सामान्य एयरपोर्ट की तुलना में सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से अधिक संवेदनशील माना जाता है।
Alaska: 1950 के दशक में तैयार हुआ था निगरानी नेटवर्क
केप न्यूएनहैम की रडार साइट उस पुराने निगरानी नेटवर्क का हिस्सा रही है, जिसे शीत युद्ध के दौर में सोवियत संघ की ओर से संभावित मिसाइल हमले की शुरुआती चेतावनी के लिए विकसित किया गया था।
समय के साथ इस नेटवर्क की भूमिका और तकनीक में बदलाव आया, लेकिन अलास्का में अमेरिकी हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए ऐसे रडार स्टेशन आज भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
Alaska: रूस, चीन और उत्तर कोरिया की दिशा में निगरानी
मौजूदा व्यवस्था में इस क्षेत्र की रडार साइट से आसपास के समुद्री और हवाई क्षेत्र पर नजर रखी जाती है। रणनीतिक तौर पर अलास्का अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि यह रूस के काफी करीब है और प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।
रडार नेटवर्क का इस्तेमाल संभावित हवाई गतिविधियों की निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणाली के तौर पर किया जाता है।
Alaska: हादसे की जांच जारी
अलास्का विमान हादसे के बाद जांच एजेंसियां दुर्घटना के संभावित कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। खराब मौसम, कम दृश्यता, विमान की तकनीकी स्थिति, पायलटों की परिस्थितियां और लैंडिंग के दौरान सामने आई चुनौतियों समेत कई पहलुओं की जांच की जा सकती है।
फिलहाल अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की मुख्य वजह क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर अंतिम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।




