Kailaras Sugar Mill मुरैना जिले की लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को दोबारा संचालित करने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने मिल के संचालन के लिए इच्छुक कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है। सरकार का मानना है कि मिल के पुनरुद्धार से क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
15 सितंबर तक जमा होंगे प्रस्ताव
Kailaras Sugar Mill एमएसएमई विभाग के अनुसार, इच्छुक कंपनियां 15 सितंबर शाम 5 बजे तक अपने ऑनलाइन प्रस्ताव जमा कर सकेंगी। प्राप्त प्रस्तावों को 16 सितंबर को खोला जाएगा।
Kailaras Sugar Mill इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक पक्षों को मिल परिसर का निरीक्षण करने का अवसर भी दिया जाएगा। साइट विजिट के लिए 31 अगस्त और 1 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है। वहीं, परियोजना से संबंधित चर्चा के लिए 3 सितंबर को बैठक आयोजित होगी। संभावित आवेदक 7 सितंबर शाम 5 बजे तक लिखित रूप से अपने प्रश्न भी विभाग को भेज सकेंगे।
30 वर्ष की लीज पर दी जाएगी मिल
Kailaras Sugar Mill विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कैलारस शुगर मिल को “जैसी है, जहां है” की स्थिति में लीज पर दिया जाएगा। प्रस्तावित लीज अवधि 30 वर्ष रखी गई है। यदि संचालन और विकास कार्य संतोषजनक पाए जाते हैं, तो इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
कैलारस शुगर मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री भवन, प्लांट एवं मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और करीब 12.86 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
प्रतिदिन 1,250 टन गन्ना पेराई की क्षमता
Kailaras Sugar Mill कैलारस शुगर मिल राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 3 किलोमीटर से भी कम है। मिल की स्थापित क्षमता 1,250 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की है।
शुगर और उससे जुड़े उत्पादों के निर्माण में रुचि रखने वाली कंपनियां निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। सरकार को उम्मीद है कि मिल के पुनः संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय किसानों को भी लाभ मिलेगा।
कैलारस शुगर मिल के पुनरुद्धार को मुरैना जिले के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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