Emraan Hashmi: बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म ‘आवारापन 2’ की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है। लेकिन इमरान की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था, जब फिल्मी करियर और सफलता उनके लिए मायने नहीं रखती थी। यह वह समय था जब उनके छोटे बेटे अयान को बेहद कम उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा।
हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत में इमरान हाशमी ने बेटे की बीमारी और उसके इलाज के दौरान परिवार के संघर्ष को याद किया। अभिनेता के मुताबिक, जनवरी 2014 में एक सामान्य पारिवारिक लंच के दौरान उन्हें ऐसी जानकारी मिली, जिसने महज कुछ घंटों के भीतर उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। उस समय अयान की उम्र करीब चार साल से भी कम थी।
Emraan Hashmi: एक सामान्य लंच के दौरान सामने आया गंभीर संकेत
इमरान ने बताया कि 13 जनवरी 2014 को वह परिवार के साथ बाहर लंच कर रहे थे। उस दौरान उनका बेटा अयान भी उनके साथ था। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक अयान ने वॉशरूम जाने की बात कही।
वॉशरूम जाने के बाद उसके पेशाब में खून दिखाई दिया। यह देखकर परिवार घबरा गया। इमरान के मुताबिक, उन्हें उस समय अंदाजा भी नहीं था कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। परिवार ने बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क किया।
Emraan Hashmi: कुछ ही घंटों में डॉक्टर ने दी बड़ी खबर
इमरान के मुताबिक, उस घटना के कुछ ही घंटों के भीतर वह डॉक्टर के पास पहुंच गए थे। जांच के बाद परिवार को पता चला कि अयान गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। डॉक्टरों ने कैंसर की पुष्टि की और जल्द इलाज शुरू करने की सलाह दी।
अभिनेता के लिए यह खबर बेहद बड़ा झटका थी। उन्होंने बताया कि जिस बच्चे को कुछ समय पहले तक वह सामान्य रूप से खेलते और खाते देख रहे थे, उसके सामने अचानक एक लंबी और कठिन चिकित्सा प्रक्रिया खड़ी हो गई थी।
Emraan Hashmi: अयान को था विल्म्स ट्यूमर
जांच में सामने आया कि अयान विल्म्स ट्यूमर से पीड़ित था। यह बच्चों में होने वाला किडनी कैंसर का एक प्रकार है। इमरान के अनुसार, बीमारी सामने आने से पहले उनके बेटे में कोई ऐसा स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दिया था, जिससे परिवार को गंभीर स्वास्थ्य समस्या का अंदाजा हो सके।
इसी वजह से बीमारी की जानकारी मिलने का झटका परिवार के लिए और भी बड़ा था। कम उम्र में कैंसर का पता चलने के बाद अयान के इलाज की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई।
Emraan Hashmi: बेटे के सामने माता-पिता ने नहीं दिखने दिया अपना डर
इमरान ने बताया कि बीमारी की पुष्टि के बाद उनके और उनकी पत्नी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेटे के सामने खुद को मजबूत बनाए रखने की थी। दोनों जानते थे कि अगर वे उसके सामने घबरा गए या रोने लगे तो इसका असर बच्चे के मन पर पड़ सकता है।
इसलिए उन्होंने अयान के सामने अपने आंसू रोकने की कोशिश की। जब भावनाएं संभालना मुश्किल होता था, तब दोनों दूसरे कमरे में जाकर रोते थे। इसके बाद वापस बेटे के सामने सामान्य और सकारात्मक रहने की कोशिश करते थे।
इमरान के मुताबिक, शुरुआती दिनों में परिवार के लिए स्थिति बेहद मुश्किल थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने तय किया कि उन्हें हर परिस्थिति में अयान के सामने उम्मीद और हिम्मत बनाए रखनी है।
Emraan Hashmi: छह महीने तक चली सर्जरी और कीमोथेरेपी
अयान के इलाज के दौरान उसे सर्जरी और कीमोथेरेपी जैसी कठिन चिकित्सकीय प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। इमरान के अनुसार, इलाज के शुरुआती छह महीने परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे।
इस दौरान अभिनेता ने अपने फिल्मी काम से अलग बेटे के इलाज और परिवार पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। बीमारी से लड़ने के साथ-साथ उनका प्रयास यह भी था कि अयान को मानसिक तौर पर मजबूत रखा जाए और उसे यह महसूस न होने दिया जाए कि वह बाकी बच्चों से अलग है।
Emraan Hashmi: इलाज खत्म होने के बाद भी खत्म नहीं हुआ डर
मुख्य इलाज पूरा होने के बाद भी परिवार पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो सका। कैंसर के दोबारा लौटने की आशंका के कारण अयान की नियमित जांच कराई जाती रही।
इमरान ने बताया कि करीब पांच साल तक हर कुछ महीनों में मेडिकल टेस्ट होते रहे। परिवार के लिए हर जांच की रिपोर्ट एक नई चिंता लेकर आती थी। बीमारी के दोबारा लौटने का डर लंबे समय तक उनके साथ बना रहा।
Emraan Hashmi: बेटे की बीमारी ने इमरान को बदल दिया
इस पूरे अनुभव ने इमरान हाशमी के जीवन और सोच पर गहरा असर डाला। अभिनेता ने बताया कि इस घटना से पहले वह अपने करियर और काम को लेकर बेहद व्यस्त रहते थे। लेकिन बेटे की बीमारी ने उन्हें जिंदगी की प्राथमिकताओं को नए तरीके से देखने पर मजबूर किया।
उनके लिए उस दौर में फिल्मों की सफलता या असफलता से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण बेटे का स्वस्थ होना था। इस अनुभव ने उन्हें मानसिक तौर पर भी काफी मजबूत बनाया।
Emraan Hashmi: कैंसर के बारे में गहराई से पढ़ने लगे इमरान
बेटे के इलाज के दौरान इमरान ने कैंसर और उससे जुड़ी चिकित्सा प्रक्रिया को समझने के लिए काफी पढ़ाई की। उन्होंने बीमारी से संबंधित किताबें, रिसर्च और दूसरी सामग्री पढ़नी शुरू कर दी।
धीरे-धीरे उन्होंने इस विषय के बारे में इतनी जानकारी हासिल कर ली कि डॉक्टरों के साथ बातचीत के दौरान भी वह बीमारी और इलाज से जुड़े सवाल विस्तार से पूछने लगे। उनके लिए यह ज्ञान बेटे के इलाज की प्रक्रिया को समझने और बेहतर तरीके से उसका साथ देने का जरिया बन गया।
Emraan Hashmi: बेटे के संघर्ष पर लिखी किताब
इमरान ने बाद में अपने अनुभवों को किताब का रूप भी दिया। उन्होंने ‘द किस ऑफ लाइफ: हाउ ए सुपरहीरो एंड माई सन डिफीटेड कैंसर’ नाम से किताब लिखी। इसमें उन्होंने बेटे की बीमारी और परिवार के संघर्ष को आधार बनाकर कैंसर से लड़ने की पूरी यात्रा को साझा किया।
अभिनेता के मुताबिक, इस किताब का उद्देश्य केवल अपनी निजी कहानी बताना नहीं था। वह चाहते थे कि कैंसर से जूझ रहे बच्चों के माता-पिता को मुश्किल समय में कुछ हिम्मत और उम्मीद मिल सके।
Emraan Hashmi: परिवार पर एक के बाद एक आईं मुश्किलें
बेटे के इलाज और उसके बाद की निगरानी के बीच इमरान के परिवार को एक और बड़े दुख का सामना करना पड़ा। उनकी मां को भी कैंसर का पता चला। कुछ समय बाद उनका निधन हो गया।
इसके अलावा इमरान ने अपनी दादी को भी खो दिया। लगातार कई सालों तक परिवार में बीमारी और मौत से जुड़े अनुभवों ने अभिनेता को भीतर से प्रभावित किया। उन्होंने माना कि यह दौर उनकी जिंदगी के सबसे कठिन समय में से एक था।
Emraan Hashmi: मुश्किल दौर ने सिखाया उम्मीद बनाए रखना
इमरान हाशमी के अनुसार, इन घटनाओं ने उन्हें यह समझाया कि जिंदगी में परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। ऐसे समय में इंसान के लिए सबसे जरूरी चीज उम्मीद और हिम्मत बनाए रखना है।
बेटे की बीमारी से लेकर परिवार में हुई दूसरी दुखद घटनाओं तक, इस पूरे दौर ने इमरान को मानसिक रूप से काफी मजबूत बनाया। आज जब वह अपने करियर में फिर से सफलता का आनंद ले रहे हैं, तो उनके लिए परिवार और जीवन की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा है।
Emraan Hashmi: अब ‘आवारापन 2’ की सफलता का ले रहे आनंद
इमरान हाशमी फिलहाल अपनी फिल्म ‘आवारापन 2’ को मिल रही सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म ने रिलीज के कुछ ही दिनों में दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का आंकड़ा पार किया है।
हालांकि, उनके निजी जीवन की यह कहानी बताती है कि पर्दे पर नजर आने वाले इस अभिनेता ने वास्तविक जिंदगी में भी बेहद मुश्किल दौर का सामना किया है। बेटे अयान की बीमारी के दौरान पांच साल तक चले संघर्ष ने इमरान को न सिर्फ एक पिता के तौर पर मजबूत बनाया, बल्कि जिंदगी को देखने का उनका नजरिया भी बदल दिया।




