Report: Ratan kumar
Jamtara Independence Day जिले के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ वसीम रजा, डीडीसी सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत परेड निरीक्षण से हुई। स्वास्थ्य मंत्री और पुलिस अधीक्षक ने परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद मंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी ली। राष्ट्रगान के साथ पूरा गांधी मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
Jamtara Independence Day अपने संबोधन में डॉ. इरफान अंसारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए जनता के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को सम्मानित भी किया गया।
JPSC-JSSC आंदोलन पर बोले- स्वास्थ्य से समझौता नहीं
Jamtara Independence Day समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन और भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “जान है तो जहान है। बच्चों को भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी।”

मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल को इलाज के नाम पर छात्रों से पैसे लेने की अनुमति नहीं है। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
MMDR बिल पर केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
Jamtara Independence Day डॉ. इरफान अंसारी ने MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) Bill को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में पारित किए गए प्रावधान झारखंड के हितों के खिलाफ हैं और इससे राज्य को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

मंत्री ने दावा किया कि झारखंड कोयला और खनिज संसाधनों के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है तथा नए प्रावधानों के कारण राज्य को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी तथा इस मुद्दे पर आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
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