,

लाल किले से नक्सलवाद पर PM Modi का बड़ा संदेश, बोले- ‘दिमागी नक्सलियों’ को पहचानना होगा

https://swadeshlive.com/pm-modi-naxalism-speech-2026/

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवाद के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि देश ने लंबे समय तक नक्सली हिंसा का सामना किया है और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं, परिवारों और विकास पर पड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सली हिंसा के खिलाफ सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है, लेकिन वैचारिक स्तर पर सक्रिय तत्वों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए समाज को हिंसा और अराजकता की दिशा में ले जाने वाली सोच से सावधान रहने की बात कही।

PM Modi: नक्सलवाद और माओवाद पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में देश के सामने लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है। उनके मुताबिक नक्सलवाद और माओवाद ने लंबे समय तक देश के कई हिस्सों में हिंसा और भय का माहौल पैदा किया तथा बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि दशकों तक चली इस हिंसा में आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों को भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। प्रधानमंत्री ने नक्सली हिंसा में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के शहीद होने का उल्लेख किया।

PM Modi: ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर पीएम मोदी की चेतावनी

प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सली गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद वैचारिक स्तर पर हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली सोच को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज से ऐसी गतिविधियों और विचारों को पहचानने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा सकते हैं। ऐसे में युवाओं को भ्रमित होने से बचाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है।

PM Modi: सरकारी नीतियों में माओवादी विचारधारा के प्रभाव का दावा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक माओवादी विचारधारा से प्रभावित लोग सत्ता के गलियारों और सरकारी संस्थाओं तक अपनी पहुंच बनाने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि कुछ सरकारी समितियों में सलाहकार की भूमिका के जरिए भी ऐसी विचारधारा ने नीतिगत स्तर पर प्रभाव डालने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में देश को सतर्क रहने का संदेश दिया और कहा कि हिंसा तथा अराजकता को बढ़ावा देने वाली विचारधारा के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता जरूरी है।

PM Modi: चार दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहा बड़ा क्षेत्र

पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद ने करीब चार दशकों तक देश के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया। उनके मुताबिक कई इलाकों में विकास कार्य बाधित हुए और आम लोगों के जीवन पर हिंसा का असर पड़ा।

उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और युवाओं के सामने भी कई तरह की मुश्किलें खड़ी हुईं। प्रधानमंत्री ने इसे देश के विकास और सामाजिक शांति के लिए बड़ी चुनौती बताया।

PM Modi: 2014 के बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र की जिम्मेदारी मिलने के बाद सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

पीएम मोदी के अनुसार जिन क्षेत्रों में पहले हिंसा का प्रभाव दिखाई देता था, वहां अब विकास और जनविश्वास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सुरक्षा के साथ विकास को भी नक्सलवाद से निपटने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

PM Modi: नक्सली हिंसा के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई

प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सली नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिली है। उनके अनुसार नक्सली हिंसा की क्षमता कमजोर हुई है और कई प्रभावित क्षेत्रों में हालात पहले की तुलना में बदले हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनौती को पूरी तरह समाप्त मानकर सतर्कता कम नहीं की जानी चाहिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ विकास और लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

PM Modi: युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए युवाओं को हिंसा और भटकाव से दूर रखकर शिक्षा, रोजगार, तकनीक और राष्ट्र निर्माण के अवसरों से जोड़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने से ही देश की विकास यात्रा को गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास के अवसरों को मजबूत करना है।

PM Modi: सुरक्षित भारत की जिम्मेदारी सभी की

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षित भारत का निर्माण केवल सरकार या सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने देशवासियों से सतर्क रहने और हिंसा तथा अराजकता के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के सामने चुनौती सीमा के भीतर हो या सीमा के बाहर, भारत हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

PM Modi: विकास, विश्वास और सुरक्षा पर फोकस

अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा कार्रवाई के साथ विकास और जनविश्वास को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि जिन इलाकों में लंबे समय तक हिंसा का असर रहा, वहां अब विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, युवाओं को अवसर देना और क्षेत्र में भरोसे का माहौल तैयार करना भी आवश्यक है।

PM Modi: नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे की चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि नक्सली हिंसा कमजोर पड़ने के बावजूद इस चुनौती को कम आंकना सही नहीं होगा। सरकार का फोकस सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में विकास और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर है।

लाल किले से दिए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए देश को हिंसा और अराजकता से मुक्त, सुरक्षित और विकासोन्मुख वातावरण की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

read also: भारत की Nuclear Power क्षमता होगी कई गुना मजबूत, पीएम मोदी ने 2047 का लक्ष्य किया तय

Aaj ka Rashifal: जानें आज का राशिफल

Aaj ka Rashifal: 6 सितंबर 2026, रविवार का दिन मेष से मीन

UNESCO Tentative List : शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों को मिली वैश्विक पहचान, UNESCO की Tentative List में शामिल

जयपुर। राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर

Gold Silver Price: सोने- चांदी के रेट में गिरावट, जानें आज का भाव

Gold Silver Price: देश के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में